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आठ माह बाद चली किसान एक्सप्रेस, रेलवे अधिकारियों की लापरवाही से खाली गई, एक लाख की चपत

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Kisan Express, which was run after eight months, emptied due to negligence of railway officers, loss of one lakh - फोटो : Hisar
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रेलवे अधिकारियों की लापरवाही के कारण बठिंडा से हिसार होकर दिल्ली जाने वाली किसान एक्सप्रेस मंगलवार को खाली गई। इससे जहां एक ओर सोमवार को टिकट रिजर्वेशन नहीं होने के कारण यात्री नहीं जा पाए, वहीं रेलवे को एक लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। हिसार से सुबह पांच-छह सवारियां ही ट्रेन में चढ़ीं। हालांकि ट्रेन समय से 10 मिनट पहले पहुंच गई थी, मगर निर्धारित समय सुबह 8 बजकर 3 मिनट पर हिसार से रवाना हुई। ट्रेन में 14 डिब्बे लगे हुए थे।
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दरअसल लॉकडाउन के लंबे समय बाद एक दिसंबर से किसान एक्सप्रेस चलाई गई, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते एक दिन पहले भी कंप्यूटर में गाड़ी की फीडिंग नहीं होने के कारण कहीं से भी टिकट का रिजर्वेशन नहीं हो पाया। सुबह से देर शाम तक यात्री रेलवे स्टेशन पर चक्कर काटते रहे। सोमवार रात को 11 बजे के बाद रेलवे की साइट पर ऑनलाइन टिकट की बुकिंग शुरू हुई तो नाममात्र यात्री ही अपना टिकट ऑनलाइन बुक करवा सके।
एक दिन में एक लाख से ज्यादा का नुकसान
मंगलवार को रवाना हुई किसान एक्सप्रेस में कुल 14 डिब्बे लगे हुए थे। रेलवे अधिकारी के अनुसार ट्रेन में सवारियां नहीं होने के कारण एक लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ है। यदि ट्रेन के सभी डिब्बों में सवारियां बैठी होतीं तो रेलवे को एक लाख से ज्यादा की आमदनी होती, मगर मंगलवार को ट्रेन खाली रवाना हुई।
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8 माह बाद चली दूसरी ट्रेन
लॉकडाउन के चलते 25 मार्च से रेलगाड़ियों का संचालन बंद कर दिया गया था। उसके बाद मात्र एक ही ट्रेन हिसार से चल पाई थी। अब 8 माह 5 दिन बाद दूसरी ट्रेन किसान एक्सप्रेस चलाई गई है। इससे पहले रेलवे की ओर से गोरखधाम एक्सप्रेस चलाई गई थी, जोकि रोजाना हिसार से चल रही है।
बस भी नहीं जा रही दिल्ली, भटकते रहे यात्री
किसानों के दिल्ली कूच को लेकर रोडवेज की बसें भी दिल्ली तक नहीं जा रही हैं। मंगलवार को दिल्ली जाने वाले यात्रियों को ट्रेन और बस दोनों की सुविधा नहीं मिल पाई। सुबह से शाम तक यात्री परेशान दिखाई दिए। बसें केवल बहादुरगढ़ तक भेजी जा रही हैं।
टिकट रिजर्वेशन के लिए पहले ऑनलाइन प्रयास किया, लेकिन रिजर्वेशन नहीं हुआ। उसके बाद काउंटर पर पहुंचकर कराना चाहा, यहां भी रिजर्वेशन नहीं हुआ। रात को बार-बार प्रयास करता रहा, लेकिन गाड़ी ही दिखाई नहीं दे रही थी। देर रात डेढ़ बजे ट्राई किया तो गाड़ी फीड दिखाई दी, जिसके बाद ऑनलाइन बुकिंग हो पाई।
-बब्बर प्रकाश, यात्री।
सोमवार रात को 11 बजे के बाद ही टिकटों की ऑनलाइन बुकगिं शुरू हुई थी। ऐसे में कुछ ही लोगों ने अपना टिकट ऑनलाइन बुक करवाया है।
- पुरुषोत्तम, टिकट रिजर्वेशन सुपरवाइजर, रेलवे।
किसान एक्सप्रेस ट्रेन का नंबर बदला हुआ है। इस कारण फीडिंग होने में कहीं न कहीं दिक्कत आई होगी। मैं रात को भी अधिकारियों से लगातार संपर्क में था। रात को 11 बजे के बाद टिकट की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई थी। इसके अलावा अजमेर-अमृतसर ट्रेन के लिए भी टिकटों का रिजर्वेशन शुरू हो गया है।
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- केएल चौधरी, स्टेशन अधीक्षक।
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