उपायुक्त डॉ. जे गणेशन ने बताया कि डबवाली अग्निकांड पीड़ितों की याद में स्मारक स्थल में स्थापित की गई ई-लाइब्रेरी में पाठकों के लिए किंडल टैबलेट भी उपलब्ध होंगे। किंडल टैबलेट की सुविधा वाली यह लाइब्रेरी देश की पहली लाइब्रेरी होगी। इसका उद्घाटन 23 दिसंबर को सांसद डॉ. अशोक तंवर करेंगे।
उपायुक्त ने बताया कि इस ई-लाइब्रेरी में दो किंडल टैबलेट की सुविधा होगी। एक टैबलेट में 15 हजार किताबों तक का संकलन होगा। सभी किताबें महापुरुषों की जीवनियों, विभिन्न साहित्यों के साथ-साथ ज्ञानवर्धन से संबंधित होंगी। इससे कोई भी पाठक आम किताबों की तरह ही किताब पढ़ पाएगा।
उन्होंने बताया कि डबवाली अगिभनकांड पीड़ितों की याद में बनाई गई यह ई-लाइब्रेरी पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि योजना के तहत स्थापित की गई है। लाइब्रेरी की स्थापना पर 35 लाख रुपये की राशि खर्च हुई है। जिससे विभिन्न प्रकार की 10 हजार किताबें रखी गई हैं। इसके साथ-साथ पांच कंप्यूटर भी रखे गए हैं, जिनको ई-मेल सुविधा के लिए ब्राडबैंड सेवा में जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि कोई भी पाठक लाइब्रेरी में आकर कंप्यूटर पर ई-बुक्स का अध्ययन कर सकता है। लाइब्रेरी में ब्रिटानिका का एनसाइक्लोपीडिया उपलब्ध करवाया गया है जिसका उपयोग करके पाठक विश्व स्तर की हर प्रकार की जानकारी हासिल कर पाएगा।
उन्होंने बताया कि इस ई-लाइब्रेरी में रखे गए किंडल टैबलेट की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए जिले में अन्य ई-पुस्तकालयों में भी यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि योजना के तहत इससे पहले जिला मुख्यालय स्थित जिला ई-लाइब्रेरी, उपमंडल स्तर पर ऐलनाबाद ई-लाइब्रेरी और जिला के 50 गांवों में दो करोड़ रुपये की लागत से ई-लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं।