जाट आरक्षण आंदोलन में सवालों के घेरे में आई पुलिस पर अब भी कोई असर नहीं दिख रहा है। इसकी बानगी सेक्टर 16-17 में हुए मामले में देखने को मिली।
यहां एक मकान के आगे खड़ी एक महिला को रईसजादों ने जबरदस्ती गाड़ी में डालकर ले जाने का प्रयास किया। जब महिला उनके चुंगल से छूट गई तो उन्होंने उसके गले पर हाथ मारकर चेन स्नेचिंग का प्रयास भी किया।
पुलिस उस वक्त हरकत में तो आई और ड्राइवर सहित दो आरोपियों को पकड़ भी लिया मगर रसूखदार होने के चलते उन्हें रात को ही यह कहकर छोड़ दिया कि युवक नशे में थे। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित महिला व उसके परिजन सुबह शिकायत लिखवाने के लिए थाने पहुंचे। जब आरोपियों के बारे में पूछा तो मुंशी आरोपियों को फोन कर थाने बुलाने की तैयारी कर रहा था।
फोन गया तो आरोपी बोले अभी उठे हैं साहब
थाने में शिकायत लिखाने पहुंचे पीड़िता के परिजनों ने जब आरोपियों को वहां न देखकर हंगामा मचाया तो पुलिस ने आरोपियों के पास फोन किया।
पहले तो काफी देर तक पुलिस फोन करती रही, लेकिन आरोपियों ने फोन नहीं उठाया। जब फोन उठाया तो कॉल रिसीव करते ही बोले - भाई साहब नींद में थे। पहले कॉल नहीं सुनाई दी अभी उठे ही हैं आ जाते हैं।
एक फौजी का बेटा, दूसरा निजी कंपनी में
हैरानी की बात है कि आरोपियों में एक हिसार कैंट स्थित फौजी का लड़का है। दूसरा मूल रूप से पंजाब का रहने वाला है। वह एक निजी कंपनी में अच्छे पद पर जॉब करता है।
रात को उन्होंने शराब पी और करीब साढ़े आठ बजे सेक्टर 16-17 में एक महिला का हाथ पकड़कर गाड़ी में खींचने की कोशिश की। महिला उस वक्त घर के बाहर टहल रही थी। आरोप है कि सफेद रंग की गाड़ी में सवार युवकों ने उसके गले पर भी हाथ मारा, लेकिन सोने की चेन नहीं तोड़ पाए।
100 नंबर पर नहीं मिला सही जवाब, खुद पहुंची थाने
महिला संतोष शर्मा ने लिखित में पुलिस को शिकायत में यह भी दिया है कि वारदात के दौरान जब वह चिल्लाई तो पति यशपाल शर्मा बाहर निकले।
उन्होंने 100 नंबर पर कॉल की। आरोप है कि पुलिस ने 100 नंबर पर कोई संतुष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आप थाने में जाओ। महिला अपने बेटे व पति के साथ थाने में पहुंची और पुलिस को शिकायत दी।