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सतरोल खाप प्रधान के घर काले झंडे दिखाने पर हंगामा

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सतरोल खाप के विवाह संबंधी फैसले पर जहां चारों ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, वहीं उसी से संबंधित पेटवाड़ तपे का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को तो पूर्व प्रवक्ता के बेटे जब सतरोल खाप के उनके पिता को प्रवक्ता पद से हटाने के फैसले पर विरोध जताने पहुंचे तो उनके साथ हाथापाई की नौबत आ गई।
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 उन्होंने खाप के प्रधान इंद्र सिंह बास पर गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने गांव बास में प्रधान के घर के बाहर काले झंडे निकालकर भी विरोध जताने की कोशिश की।

खाप के पूर्व प्रवक्ता फूल कुमार पेटवाड़ के बेटे धर्मेंद्र और विजेंद्र को नारनौंद स्थित एक चौपाल में बृहस्पतिवार को हुई सतरोल खाप की पंचायत में बुलाया गया। वहां उन्होंने खाप के फैसले पर खुशी जताई। इस दौरान सतरोल खाप ने फैसला लेते हुए उनके पिता फूल कुमार को प्रेस प्रवक्ता पद से हटा दिया गया।
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 अपने पिता को प्रेस प्रवक्ता के पद से हटाने से खफा धर्मेंद्र ने सतरोल खाप के प्रधान इंद्र सिंह पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए उनके बास स्थित आवास पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने ज्यों ही काले झंडे दिखाने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने उनके साथ हाथापाई की।

 खाप के पूर्व प्रवक्ता फूल कुमार पेटवाड़ से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि इस समय मैं बाहर हूं, लेकिन मुझे फोन के माध्यम से सूचना मिली है कि मेरे लड़कों के साथ मारपीट की गई है। वो शांतिपूर्ण ढंग से समर्थकों के साथ विरोध कर रहे थे, लेकिन यह मारपीट दुर्भाग्यपूर्ण है।

इस संबंध में खाप के प्रधान इंद्र सिंह ने बताया कि मेरे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं हुआ। यह सब खाप के द्वारा लिए गए फैसले को वापिस लेने के लिए दबाव बनाने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।


नारनौंद में बृहस्पतिवार को हुई सतरोल खाप की महापंचायत में पेटवाड़ तपे ने दूरियां बनाए रखी। सतरोल खाप ने रविवार को गांव, गोत्र, पड़ोस को छोड़कर जातीय बंधनों से दूर कहीं भी शादी कर सकने का फैसला लिया था। इसके विरोध में पेटवाड़ ताप लामबंद हो रहा है।


पेटवाड़ तपे के पूर्व हेडमास्टर रामकुमार पेटवाड़ ने कहा कि प्रकृति के भी नियम हैं कि समय-समय पर उसमें भी बदलाव होते रहते हैं और यह तो खाप है, जिसको सबकी भावनाओं को ध्यान में रखकर अपने फैसले लेने पड़ते हैं। खाप ने जो ऐतिहासिक फैसला लिया है उस पर खाप के लोगों को गर्व होना चाहिए।

 इस खाप में ऑनर किलिंग और अन्य सामाजिक बुराइयां नहीं हुई हैं। इनकी वजह से खापों का नाम बदनाम होता है। इसलिए पेटवाड़ तपे की कमेटी को भी ठंडे दिमाग से सोचना चाहिए।


बास तपा प्रधान हंसराज, महिपाल पेटवाड़, मास्टर थाम्बूराम, मास्टर रामकुमार पेटवाड़, नारनौंद तपा प्रधान होशियार सिंह, रामधारी, पवन लोहान, फकीरचंद, रणधीर सिंह, ओमप्रकाश, रामनिवास, सरूप सिंह, खजान सिंह, सुरेंद्र लोहान, रामअवतार शर्मा, प्रदीप मोठ, पूर्व सतरोल खाप प्रधान सज्जन पेटवाड़ के पुत्र जसबीर और वीरेंद्र दूहन समेत अनेक गणमान्य लोग महापंचायत में मौजूद रहे।
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