अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर हुड्डा की अदालत ने घर में घुसकर हत्या करने के जुर्म में गांव खैरमपुर के धर्मपाल को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इतना ही नहीं उसे 12 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा और जुर्माना न भरने की एवज में दो साल की अतिरिक्त कैद काटनी पड़ेगी।
आदमपुर थाना पुलिस ने इस बारे में 3 नवंबर 2014 को केस दर्ज किया था। खैरमपुर के मदन सिंह ने पुलिस को शिकायत देकर कहा था कि चार दिन पहले उसका भाई मोहन घर के एक कमरे में सोया हुआ था और वह सामने वाले प्लाट में मौजूद था। तभी गांव का धर्मपाल आया और घर में घुसकर सो रहे मोहन को कस्सी से वारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। सिर पर कस्सी के हमले से उसका भाई मोहन बेहोश हो गया और हमलावर धर्मपाल फरार हो गया। बाद में उसके भाई को अग्रोहा पीजीआई और फिर शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया था।
13 दिन जिंदगी और मौत के बीच झूलकर तोड़ा था दम
आदमपुर थाना पुलिस ने इस बारे में घर में घुसकर जानलेवा हमला करने का केस दर्ज किया था। गंभीर घायल को बाद में रोहतक पीजीआई में दाखिल कराया गया था, जहां उसने 12 नवंबर 2014 को दम तोड़ दिया था। आदमपुर पुलिस ने उसकी मौत के बाद हत्या प्रयास के केस को हत्या के केस में तब्दील कर दिया था। पुलिस ने बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस को जांच में पता चला था कि धर्मपाल मोहन के घर गया था और फिर मोहन व उसने शराब पी थी। फिर लकड़ियों के मसले पर दोनों में अचानक बहस शुरू हो गई थी। फिर धर्मपाल ने एक पड़ोसी के घर से कस्सी लाकर मोहन पर हमला किया था। कोर्ट ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद धर्मपाल को हत्या का दोषी मानकर सजा सुनाई।