हिसार। राष्ट्रीय काजला खाप जात-पात के कलंक को मिटाने के लिए अंतरजातीय विवाह का समर्थन करने का एलान किया। समगोत्र, समगांव, गोहांड में विवाह का जोरदार विरोध करते हुए सरकार से हिंदू मैरिज एक्ट 1955 में संशोधन करके ऐसी शादियों को प्रतिबंधित करने की मांग की।
राष्ट्रीय काजला खाप के कुरुक्षेत्र में आयोजित 12वें राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेकर लौटे पूर्व प्रदेशाध्यक्ष राजमल काजल ने बताया कि सम्मेलन की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन रामपाल काजला ने की। सम्मेलन में खाप के राष्ट्रीय संरक्षक धर्मवीर काजला ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। सम्मेलन में नशाखोरी, दहेज, महिला उत्पीड़न व हर्ष फायरिंग जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया। सम्मेलन में सर्वसम्मति से विवाह दिन में करने, बरात छोटी रखने व जन्मदिवस जैसे अन्य दिवस सादगी से मनाने और बच्चों की शिक्षा पर अधिक ध्यान देने के निर्णय भी लिए गए। राष्ट्रीय भावना व देश प्रेम बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों जैसे रक्तदान व मृत्यु उपरांत अंगदान करने का आह्वान किया गया। सम्मेलन में खाप का चबूतरा व भवन निर्माण के लिए उचित स्थान व भूमि की तलाश के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष व राष्ट्रीय संरक्षक को अधिकृत किया गया।