हिसार। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा की सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालत में पेशी हुई। सिविल जज सुनील कुमार की अदालत ने मामले की सुनवाई की। ज्योति की ओर से पहली बार उनके वकील के तौर पर एडवोकेट कुमार मुकेश ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। केस की अगली सुनवाई अब 23 जून को होगी।
ज्योति के वकील ने बताया कि वे इसी सप्ताह जमानत के लिए आवेदन करेंगे। 14 जून से गर्मी की छुट्टियां हो जाएंगी। ऐसे में अदालत में पहले ही अपनी याचिका दायर करेंगे। इसकी तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने ज्योति से बातचीत कर उनकी सहमति से ही जमानत के लिए याचिका डालने का फैसला लिया है।
मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में 17 मई को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पहले 5 दिन और दूसरी बार 4 दिन के रिमांड पर भेजा गया था। दो बार में 9 दिन के रिमांड पूरा होने के बाद 26 मई को उसे सिविल जज ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सुनील कुमार की अदालत में पेश किया गया था। इस दौरान जांच अधिकारी निर्मला ने कहा था कि हमें ज्योति के लैपटॉप से 14 टीबी डाटा मिला है, जिसके विश्लेषण के लिए हमें समय चाहिए। पुलिस ने रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग नहीं रखी थी। इस पर अदालत ने ज्योति मल्होत्रा को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। 14 दिन की यह न्यायिक हिरासत पूरी होने पर सोमवार 9 जून को उसे फिर से उसकी अदालत में पेशी हुई। इस बार की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई गई।
दो बार मिल चुके पिता, पांच बार वकील
ज्योति के न्यायिक हिरासत में जाने के बाद पिता हरीश मल्होत्रा उससे दो बार मिल चुके हैं। मंगलवार को ज्योति का अपने परिजनों से मिलने का दिन तय है। इसके अलावा ज्योति के वकील उससे 5 बार मिल चुके हैं। इसमें उन्हाेंने पूरे केस को जानने के लिए पाकिस्तान से जुड़ी हर घटना की बारीकी से जानकारी ली है।
ज्योति के न्यायिक हिरासत में जाने के बाद पिता हरीश मल्होत्रा उससे दो बार मिल चुके हैं। मंगलवार को ज्योति का अपने परिजनों से मिलने का दिन तय है। इसके अलावा ज्योति के वकील उससे 5 बार मिल चुके हैं। इसमें उन्हाेंने पूरे केस को जानने के लिए पाकिस्तान से जुड़ी हर घटना की बारीकी से जानकारी ली है।