हांसी। हांसी स्थित मेम के बाग की जमीन के मामले में नया खुलासा हुआ है। ज्वाइंट कमिश्नर की जांच में मेम के बाग की जमीन के एक हिस्से पर निर्माण के लिए नगर योजनाकार विभाग द्वारा दी गई मंजूरी को गलत पाया है। वहीं, अब निर्माणाधीन दुकानों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। क्योंकि जिस रिपोर्ट के आधार पर नगर परिषद द्वारा नक्शे जारी किए गए हैं, वही रिपोर्ट जांच में गलत साबित हो गई है।
मामले में सत्ताधारी भाजपा के नेता राजेश ठकराल ने पत्रकार वार्ता में कई खुलासे किए। ठकराल लंबे समय से मेम के बाग की जमीन के मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनकी शिकायत पर ही नगर निगम के कमिश्नर द्वारा ज्वाइंट कमिश्नर की अगुवाई में जांच करवाई गई है, जिसमें मेम के बाग की जमीन के एक हिस्से पर डीटीपी द्वारा जारी की गई मंजूरी को नियमों के विरुद्ध पाया गया। उन्होंने दावा किया है कि मेम के बाग की जमीन पर जो अवैध निर्माण हो रहे हैं उन पर जल्द कार्रवाई होगी।
उन्होंने बताया कि जांच में ज्वाइंट कमिश्नर ने साफ लिखा कि डीटीपी द्वारा मेम के बाग की जमीन को लेकर जो दस्तावेज जारी किए गए हैं उनमें गंभीर विरोधाभास है। ठकराल ने कहा कि मेम के बाग के कारण मुख्यमंत्री पर भी दाग लगा है। ठकराल ने कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात कर विधायक के खिलाफ अन्य दस्तावेज भी सौंपे जाएंगे। राजेश ठकराल ने विधायक विनोद भयाना पर आरोप लगाए कि उनके इशारे पर ही रेस्ट हाउस को बंद किया गया है।
प्रदेश के सीएम मनोहर लाल, गृह मंत्री अनिल विज के समक्ष पूरा मामला रखा जाएगा। इससे पूर्व भी सरकार के सामने यह मामला रखा था जिसके बाद एफआईआर दर्ज हुई। डीटीपी द्वारा जारी पत्र में विधायक के भाई के अलावा अन्य सदस्य का भी नाम है जिसका नाम एफआईआर में शामिल नहीं किया गया। इस मामले में प्रदेश सरकार जल्द कार्रवाई करेगी और अवैध दुकानें टूटेगी। - राजेश ठकराल, भाजपा नेता
30 वर्ष गांव के सरपंच रहे। दो बार विधायक बना अगर हम गलत काम करते तो जनता हमें क्यों रिस्पॉन्स देती। हमने कोई गलत काम नहीं किया । अगर कुछ गलत किया होता तो हमारे उपर भी कार्यवाई होती ओर कानून सबके लिए एक है। जो गलत करेंगे वह भुगतेगा। किसी से मिलना या मिलने यह लोगों का अधिकार है। 2010 में वह बाग में छोटे से हिस्सेदार हैं । जो उन पर आरोप लगाए गए है वह बिल्कुल गलत हैं।
विनोद भ्याना, विधायक हांसी।