जन स्वास्थ्य विभाग के जेई को विजिलेंस टीम ने दस हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया जूनियर इंजीनियर गिरीश कुमार सीवरेज सफाई के ठेकेदार से 35 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
ठेकेदार ने थोड़े-थोड़े कर जेई को टुकड़ों में पेमेंट देने की बात कही। डिवीजन नंबर तीन के सामने ठेकेदार ने दस हजार की रिश्वत उसे थमा दी। जैसे ही जेई ने पाउडर लगे दस हजार रुपये जेब में डाले तो विजिलेंस टीम ने उसे घेर लिया और मौके पर गिरफ्तार कर उसके हाथ धुलवाए। जेई गिरीश के हाथ लाल हो गए।
10 दिन से काट रहा था ठेकेदार चक्कर
ठेकेदार दयानंद ने बताया कि उसने हाल ही में 3 लाख 72 हजार रुपये में कचहरी चौक से फव्वारा चौक तक सीवरेज सफाई का ठेका लिया है।
उसने बताया कि लेबर उसकी होती है और बकट मशीनें डिपार्टमेंट को उपलब्ध करवानी होती हैं। उसने डिपार्टमेंट से दो बकट मशीनें उसे हैंडओवर करने की बात कही।
जेई ने पहले एसडीओ का नाम लिया। एसडीओ के पास गया तो जेई से ही बात करने के लिए कहा। आरोप है कि दोनों अधिकारी बार-बार चक्कर कटवाने लगे। आखिर में जेई ने साफ कहा कि 35 हजार रुपये दे दो, आपको बकट मशीनें दे दी जाएंगी।
ठेकेदार ने कहा, बच्चे भूखे मर जाएंगे साहब, कुछ कम करो
भारत नगर निवासी ठेकेदार दयानंद ने बताया कि उसने बच्चे भूखे मरने की भी दुहाई दी, लेकिन आरोपी माना नहीं। क्योंकि टेंडर 14 प्रतिशत माइनस में छूटा था।
जेई ने चार-पांच हजार रुपये कम देने की बात कह दी। उन्होंने साफ कहा कि इससे कम नहीं होगा, वरना आप कहीं से बकट मशीनों का इंतजाम खुद करो।
बीडीपीओ को बनाया ड्यूटी मजिस्ट्रेट
मामले के बारे में तंग आकर ठेकेदार दयानंद ने विजिलेंस को शिकायत कर दी। विजिलेंस ने डीसी के समक्ष मामला रखा। डीसी ने बीडीपीओ प्रीतम पाल को तुरंत ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर रेड करने के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर देवीलाल के नेतृत्व में विजिलेंस टीम ने जेई को दस हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
एसडीओ की भी है रिकॉर्डिंग
ठेकेदार ने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्ट अधिकारी भरे हुए हैं। इस मामले में शामिल रहे एक एसडीओ की भी उसके पास रिकॉर्डिंग है। एसडीओ ने भी जेई से बात कर मामला आपस में ही फैसला करने की बात कही थी।