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जाट आंदोलन पार्ट टू का आगाज 27 जुलाई को मय्यड़ से

Wed, 08 Jul 2015 01:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
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जाट आरक्षण को लेकर एक बार फिर हिसार से ही चिंगारी फूटेगी। आंदोलन का दूसरा चरण भी मय्यड़ जिले में 27 जुलाई को प्रदर्शन से होगा।
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हिसार में 13 सितंबर को शहादत रैली में प्रदेश भर के जाट जुटेंगे। रैली में आंदोलन की पूरी रणनीति का ऐलान किया जाएगा।

यह बात जाट आरक्षण संघर्ष समिति की हिसार में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कही। समिति के नेताओं ने कहा कि जाटों को हरियाणा में आरक्षण दिलाने से लेकर केंद्र में ओबीसी में शामिल कराने तक में हिसार जिले की अहम भूमिका रही थी। खासतौर पर गांव मय्यड़ आंदोलन का गवाह बना था।

आंदोलन में इस गांव ने दो शहादत भी दी थी। इस गांव के निवासी सुनील श्योराण तथा संदीप कड़वासरा आंदोलन में शहीद हो गए थे। 13 सितंबर को इन युवाओं की गोली लगने से मौत हो गई थी।
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इस बार जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन मय्यड़ से ही शुरू होगा। जिले भर के जाट नेता 27 जुलाई को मय्यड़ में धरना देंगे। इसके बाद प्रदेश भर के जाट 13 सितंबर को शहादत रैली करेंगे। इस रैली से ही अगले आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा।

इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष धर्मपाल छोत, प्रदेश उपाध्यक्ष सूबे सिंह ढाका, भिवानी जिला प्रधान होशियार, फतेहाबाद जिला प्रधान रघुबीर सिंह, प्रवक्ता आरएस मलिक, कृष्ण किरमारा, पानीपत से सतबीर देशवाल, सोनीपत से मूलचंद दहिया, महेंद्रगढ सिंह हवा सिंह लांबा, महिला प्रदेश अध्यक्ष निर्मला दहिया सहित अन्य उपस्थित थे।

खापों ने दिया समर्थन
झोरड़ खाप से विनोद झोरड़, काजला खाप से राजमल काजल, बूरा खाप से बलवंत सिंह, सिंहमार खाप से धर्मबीर प्रधान, सांगवान खाप से राजेंद्र डोभी, बारह खाप से सुरेश कौथ, कालीरामण खाप सज्जन सिंह, सुंडा खाप से बलवान सुंडा, पूनिया खाप से महेंद्र पूनिया, धनाना 84 खाप से होशियार सिंह ने हिस्सा लिया।

जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आरक्षण का समर्थन करें। जाट समाज के धरने में शामिल हों। राजनीतिक कार्यकर्ता सहयोग करने वालों को ही समाज सम्मान देगा। समर्थन न करने वालों को भी पहचाना जाएगा।

दूसरे गुट को बताया सरकारी गुट
मीडिया से बातचीत करते हुए यशपाल मलिक ने जाट आरक्षण को लेकर संघर्ष कर रहे दूसरे गुट को सरकारी गुट बताया। उन्होंने कहा कि उस सरकारी गुट के साथ कोई नहीं है। पिछले सात साल में हमने की संघर्ष किया है। इस बार भी हम ही सड़क पर होंगे।

युवाओं के भरोसे आंदोलन
अब तक की बैठकों में युवाओं की भागीदारी बेहद कम रहने के सवाल पर यशपाल मलिक ने कहा कि फेसबुक, ट्विटर, व्हाटस एप के जरिए युवा खुद ही संगठित हो रहे हैं। इस बार के आंदोलन की डोर युवाओं के हाथों में ही होगी। स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटीज के युवा अपना हक हासिल करने के लिए सड़क पर आएंगे।

आर्थिक आधार पर आरक्षण के सवाल को नकारा
समिति के सदस्यों ने आर्थिक आधार पर आरक्षण के सवाल को नकार दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि संविधान के अनुसार आर्थिक आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। सामाजिक व जातीय आधार पर ही आरक्षण देने का प्रावधान है।
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पांच हजार युवाओं को हक क्यों छीना
समिति के सदस्यों ने संबोधन में कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के 17 मार्च के दिन से पहले बैंकों व केंद्र सरकार के विभागों में करीब पांच हजार युवा जाट चयनित हो चुके युवाओं को नौकरी नहीं दी गई। ऐसे युवाओं को नौकरी के हक से दूर क्यों किया गया।
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