जाट आरक्षण को लेकर शुक्रवार को चंडीगढ़ में सरकार के साथ होने वाली बातचीत में यशपाल मलिक गुट शामिल नहीं होगा। आरक्षण की मांग को लेकर धरना दे रही आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष को न्योता ही नहीं मिला। ऐसे में समिति की ओर से कोई व्यक्ति बातचीत के लिए नहीं जाएगा।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा कि 14 जून को डीसी के साथ हुई बातचीत में हमने साफ कर दिया था कि समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष को न्योता नहीं दिया जाएगा तो समिति बातचीत के लिए नहीं जाएगी। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक को अब तक बातचीत के लिए कोई न्योता नहीं दिया गया है।
ऐसे में समिति बातचीत के लिए नहीं जाएगी। रामभगत मलिक ने कहा कि डीसी के पीए की ओर से समिति के कुछ लोगों के नाम बताते हुए उन्हें बातचीत में शामिल होने के कहा गया था। अब सरकार की ओर से नाम तय कैसे किए जा सकते हैं।
हमें बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया है तो राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर निमंत्रण भेजें। किस धरना स्थल से कौन जाएगा हम खुद तय कर लेंगे। आंदोलन की अगली रणनीति के सवाल पर उन्होंने कहा कि शुक्रवार को अदालत में तारीख है।
हम अदालत की तारीख से कुछ अच्छे संदेश की उम्मीद करेंगे। इसके बाद सरकार की कुछ लोगों के बातचीत भी है। सरकार का पक्ष का पता भी चल जाएगा। कल यह दोनों पक्ष जानने के बाद हम मीटिंग कर अगली रणनीति तय करेंगे, जिसमें आंदोलन की अगली प्लानिंग की जाएगी। धरने बढ़ाने की संख्या को लेकर फैसला लेंगे।
कालीरामणा खाप ने दिया समर्थन
जाट आरक्षण को लेकर मय्यड़ में दिए जा रहे धरने में 12वें दिन कालीरामणा खाप का प्रतिनिधि मंडल समर्थन देने पहुंचा। खाप के अध्यक्ष सज्जन सिंह, संयोजक रामस्वरूप तथा सचिव सुरेंद्र ने मौके पर जाकर कहा कि हम आरक्षण आंदोलन में धरने का सहयोग करेंगे। जाट आरक्षण के मुद्दे को लेकर मांग जायज हैं। सरकार बातचीत के रास्ते से इन मांगों को पूरा करे।
सुरेवाला चौक पर नहीं दिया गया धरना
जाट आरक्षण आंदोलनकारियों की ओर से वीरवार को घोषणा की गई थी, लेकिन कोई धरना नहीं दिया गया। बताया गया कि प्रशासन ने किसी तरह 17 तारीख तक धरना स्थगित करने के लिए जाट नेताओं को मना लिया। शुक्रवार को जहां नेताओं को मना लिया। शुक्रवार को जहां हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर सुनवाई होनी है।
वहीं सरकार से वार्तालाप भी होना हैं। जिला हिसार में मय्यड़ के अलावा सुरेवाला चौक ही एक ऐसा केंद्र है, जहां हर बार धरना दिया गया है, लेकिन इस बार धरना देने की चर्चाएं तो चल रही हैं मगर अभी तक शुरू नहीं किया गया है। प्रशासन ने जाट आंदोलन की अनुमति अवश्य मांगी है, मगर फिलहाल प्रशासन ने इस पर विचार नहीं किया है। फरवरी माह में इस चौंक दिया गया था, जिस कारण वाहन व्यवस्था ठप पड़ गई थी।