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जाटों ने धरना समाप्त करने से किया इंकार

Sat, 11 Jun 2016 12:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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जाटों ने धरना समाप्त करने से किया इंकार - फोटो : bureau
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प्रदेश के गृहसचिव के निर्देश के बाद शुक्रवार को डीसी निखिल गजराज ने अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से प्रतिनिधि मंडल को बातचीत के लिए बुलाया। करीब 40 मिनट चली बातचीत में प्रतिनिधि मंडल ने धरने को समाप्त करने से इनकार कर दिया। प्रशासन की ओर से 12 जून से धरनों की संख्या न बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया।
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डीसी निखिल गजराज ने वीरवार को मय्यड़ में धरना दे रहे जाट आंदोलनकारियों को वार्ता के लिए बुलाया। जिस पर रामभगत मलिक, सतबीर पूनिया, कृष्ण किरमारा, चंद्रभान काजला, मांगेराम भाकर, रणधीर बामल, रणबीर तरड मीटिंग में पहुंचे। डीसी कैंप आफिस में आयोजित बैठक में एसपी अश्विण शैणवी ने भी हिस्सा लिया।

डीसी ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से जाट समाज की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। ऐसे में धरने देने का औचित्य नहीं है। आरक्षण का मामला न्यायालय में होने के कारण सरकार इस पर कोई फैसला नहीं ले सकती।
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कोर्ट में सरकार पूरी मजबूूती से पक्ष रखेगी। जाट समाज को अच्छे वकील पैरवी के लिए रखने का ऑप्शन भी दिया गया है। ऐसे वकीलों का भुगतान सरकार की ओर से किया जाएगा। अखिल भारतीय जाट आरक्षण समिति के प्रतिनिधि मंडल सदस्यों ने कहा कि हमारी मांगे प्रदेश स्तर की हैं।

आप हमारी मांगों को सरकार तक पहुंचाओ। इन्हें पूरा कराने के लिए प्रयास करें। 22 फरवरी तथा 2 जून को प्रदेश सरकार की साथ हुए समझौते को लागू कराओ। 2 जून को सरकार के मंत्री ने कहा था कि हम कुछ करके दिखाएंगे। हमारी मांगों को पूरा करने के बारे में कोई सकारात्मक कदम उठाओ। हम धरनों के बारे में फैसला लेंगे। समिति के सदस्यों ने कहा कि प्रशासन की ओर से रखे गए पक्ष को हम अपनी प्रदेश कार्यकारिणी में रख देंगे।

एसपी ने किया शांति बनाए रखने का आह्वान
पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी ने कहा कि धरना शांतिपूर्वक रखें। किसी तरह से शांति भंग करने का काम न करें। जाट समाज के जिम्मेदार लोग इसके लिए अपनी भूमिका निभाएं। कुछ असामाजिक तत्व माहौल को खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे में पूरी सतर्कता से काम करें।

डीसी बोले अग्रोहा-उकलाना धरने बढ़ाने का प्रस्ताव स्थगित रखो
डीसी निखिल गजराज ने कहा कि फिलहाल अग्रोहा-उकलाना धरने बढ़ाने का प्रस्ताव स्थगित करें। सरकार आपकी बातों पर गंभीरता से विमर्श कर रही है। ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे माहौल बिगड़ने का अंदेशा हो। प्रदेश में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद करें। जाट प्रतिनिधियों ने कहा कि धरने बढ़ाने या न बढ़ाने का फैसला प्रदेश कार्यकारिणी ही लेगी। पूरे प्रदेश में धरने बढ़ाने का फैसला लिया तो यहां भी बढाएंगे।
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