फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम भाजपा कार्यकर्ता और जाटों को एक नजर देखें तो जाट बाहर होंगे भाजपा वर्कर अंदर

Thu, 02 Mar 2017 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
विज्ञापन
yaspal malik - फोटो : Bureau
विज्ञापन
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने बोले, हमने कब कहा कि सीएम गैर संवैैधानिक काम करें। हम तो चाहते हैं कि हमारे साथ न्याय करें। संविधान के दायरे में रहते हुए काम करें तो हमारे जाट भाई बाहर होंगे और बीजेपी कार्यकर्ता अंदर।
विज्ञापन

रामायण रेलवे ट्रैक के करीब धरने को संबोधित करते हुए बोले कि 32वें दिन सीएम का बयान आया है कि संवैधानिक दायरे में बात करने के लिए दरवाजे खुले हैं। हमने तो कभी नहीं कहा कि गैर संवैधानिक काम करो। सीएम के पास दो आंखें हैं। अगर वो बीजेपी कार्यकर्ता व जाट समाज के लोगों को एक नजर से देखेंगे तो जाट समाज के लोग बाहर होंगे और भाजपा कार्यकर्ता जेल में होंगे।
सीएम कार्यालय में साजिश रची अगर सीएम को पता नहीं चला तो सीएम गूंगा-बहरा है। ऐसे व्यक्ति को सीएम नहीं मान सकते। सीएम जाट समाज के साथ बस न्याय कर दे। जो कानून के दायरे में हो। जो संविधान के दायरे में हो। देश में जो दूसरी जगह हुआ वही हमारे साथ कर दो। हरियाणा में दूसरे लोगों के साथ किया वही हमारे साथ करो। हम गैर संवैधानिक मांग नहीं कर रहे। हमारी मांगों का सीआरपीसी 321 में प्रावधान है।
विज्ञापन


बलिदान दिवस पर ओएसडी ने रुकवाया ट्रैक
सीएम के ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र सिंह ने मय्यड़ में अपना चेला भेजकर ट्रैक को बाधित कराया। साजिश के तहत यहां ट्रैक रोकने का काम कराया गया। जिस दिन हम चाहेंगे ट्रेन चल जाएगी क्या। ओएसडी भूपेंद्र के पिता भी कह रहे थे टांग तुड़वा दूंगा। अपने बेटे की टांग क्यों नहीं तुड़वा देता।

चार मार्च को बढे़गी धरने की संख्या
यशपाल मलिक ने कहा कि हिसार में 4 मार्च से धरने की संख्या बढ़ाई जाएगी। स्थानीय पदाधिकारी धरना स्थल तय करेंगे। प्रदेश भर में धरनों की संख्या बढ़ाने का काम शुरू हो गया है। धरनों में जाट समाज के लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जाएगी।

होली के बाद आर-पार का एलान
होली के बाद आर-पार की लड़ाई होगी। संसद का सत्र चल रहा होगा। हम सामने होंगे। इस बार जाट पर गोली चली तो प्रजातांत्रिक व्यवस्था में भाजपा की सरकार देश में दोबारा कभी नहीं आएगी। धरने महिलाओं के हाथ में रहेंगे। उतावले हो रहे युवाओं को ट्रैक्टर ट्रॉली की जिम्मेदारी होगी। दिल्ली कूच के दिन हर जिले से एक लाख लोग सड़क पर होने चाहिए। उत्तर प्रदेश में मीटिंग का दौर शुरू हो गया है। अब हरियाणा में प्रचार शुरू हो जाएगा।

जाट समाज पर हमले करने वाले गिरफ्तार क्यों नहीं
समिति के राष्ट्रीय प्रभारी अशोक बल्हारा ने कहा कि फरवरी 2016 की घटना को लेकर जातिवादी मानसिकता को अपनाते हुए सरकार ने केस दर्ज किए। जो केस वापस हुए उसमें जाटों के केस नहीं हैं। जाट युवाओं के हत्यारे अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई। जाट धर्मशालाओं, जाट समाज के लोगों के प्रतिष्ठानों को जलाने वाले, जाट समाज के लोगों के घर व गाड़ी फूंकने वाले, जाट समाज के लोगों पर गोली चलाने वाले लोगों की गिरफ्तारी नहीं हुई। 11 को चुनाव के रिजल्ट आने के बाद भाजपा को लोग सबक सिखा देंगे।

छह साल भी धरना चलाना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे
जिला अध्यक्ष कृष्ण किरमारा ने कहा कि हिसार जिला पिछले 10 साल से लड़ाई लड़ रहा है। यहां से ही आंदोलन की पहली शुरुआत हुई। कभी कभार यहां के लोग उत्तेजित हो जाते हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष हम पर गुस्सा न करें। हम विश्वास दिलाते हैं कि अगर लगातार 6 साल भी धरना चलाना पड़ा तो हम चलाएंगे। संघर्ष को बीच में छोड़कर नहीं जाएंगे।

धरनों पर 20 लाख की संख्या करेंगे
प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा कि 13 सितंबर 2010 को हिसार ने पहली शहादत दी थी। उस समय केवल ढाई जिले थे। हिसार, भिवानी तथा आधा फतेहाबाद। अगर उस समय रोहतक, झज्जर, सोनीपत, कैथल, जींद का साथ मिला होता तो अब तक जीत मिल चुकी होती। धरनों पर दस लाख लोगों की हाजिरी हो चुकी है। इसे 20 लाख तक करेंगे।

1500 से 2000 के बीच जाएंगे
दिल्ली में आगे की रणनीति तय करने के लिये जिले से 1500 से 2000 के बीच जाट समाज के लोग जाएंगे। इसके लिये 70 वाहनों का पंजीकरण कराया गया है। जिसमें 13 बसें हैं। शेष छोटे-बड़े वाहन हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें