जाट आरक्षण के लिए आंदोलन का एलान कर दिया गया है। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने 21 फरवरी से आंदोलन की घोषणा की है, जो हिसार के मय्यड़-रामायण रेलवे ट्रैक से शुरू होगा।
इसके बाद इसे पूरे प्रदेश तथा देश में फैलाया जाएगा। इस संबंध में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक शुक्रवार को जाट धर्मशाला में हुई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई खापों के अध्यक्षों ने हिस्सा लिया। मीडिया से बातचीत में यशपाल मलिक ने कहा कि 21 फरवरी से जाट आंदोलन शुरू होगा।
मय्यड़-रामायण रेलवे ट्रैक के पास एक रैली की जाएगी। इसके बाद यहां अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा। इसके एक सप्ताह में सोनीपत, पानीपत, दादरी, रेवाडी, बाबल, महेंद्रगढ, पलवल, करनाल, कुरूक्षेत्र, कैथल में धरना शुरू कर दिया जाएगा।
इसी दौरान दिल्ली, उत्तरप्रदेश, उतराखंड, राजस्थान, मध्यप्रदेश तथा पंजाब में भी आंदोलन शुरू होगा। पंचायत चुनाव समाप्त होते ही फरवरी के पहले सप्ताह से सभी प्रदेश अपनी-अपनी तारीखों का एलान कर देंगे।
इस मौके पर समिति के प्रदेश अध्यक्ष सूबे सिंह ढाका, प्रदेश महासचिव महेंद्र पूनिया, प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक, राष्ट्रीय महासचिव बीएस अहलावत,काजला खाप के अध्यक्ष राजमल काजला सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
ये रखेंगे सरकार से मांग
- हरियाणा सरकार जाटों को ओबीसी की लिस्ट में शामिल करे
- सांसद पीपी चौधरी की ओर से संसद में पेश किए गए प्राइवेट बिल को पास करे
- पंजाब, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू -कश्मीर में भी जाटों को ओबीसी में शामिल करे
15 फरवरी से प्रदेश में अन्य खाप की ओर से जाट आंदोलन शुरू होने पर हमें कोई दिक्कत नहीं। जाट आरक्षण के लिए किए जाने वाले हर एक आंदोलन का समर्थन करेंगे, ताकि सरकार पर अधिक दबाव बने।
यशपाल मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष, जाट आरक्षण संघर्ष समिति