अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की जाट धर्मशाला की छत पर चल रही प्रदेश कार्यकारिणी की मीटिंग में मलिक गुट और सांगवान गुट भिड़ गए। बाद में दोनों गुटों में हाथापाई हो गई। दरअसल मीटिंग मलिक गुट की थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक की अध्यक्षता में मीटिंग चल रही थी। मौके पर ही दूसरे सांगवान गुट के दलजीत पंघाल भी मीटिंग में कुछ युवाओं के साथ आए हुए थे। जब पंघाल बोलने के लिए उठे तो हंगामा हो गया। मलिक गुट के जिला अध्यक्ष कृष्ण किरमारा ने उनका विरोध किया और वो उन्हें बोलने से रोकने लगे।
पंघाल ने आरोप लगाते हुए सवाल किया ही था कि मय्यड़ आंदोलन का फैसला किस मंत्री से सेटिंग करके किया गया था। इतना कहते ही दोनों गुटों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। पंघाल और कृष्ण किरमारा के बीच हाथापाई हुई। इसके बाद मीटिंग में हंगामा मच गया और नारेबाजी शुरू हो गई। बाद में मलिक गुट के लोग नीचे आ गए।
पंघाल बोले मुझे बोलने दिया जाए
दोनों ही गुटों के नेताओं ने एक दूसरे पर सरकार के साथ सेटिंग रख कर निजी स्वार्थों के लिए कौम का इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप जड़े। पंघाल ने कहा कि उन्हें बोलने दिया जाए वे राष्ट्रीय अध्यक्ष से पूछेंगे कि आखिर कसूर किसका है। माहौल खराब होते देख मीटिंग में आए लोगों ने जाट एकता की नारेबाजी शुरू कर दी। मलिक गुट के लोग छत से मीटिंग छोड़कर नीचे आ गए। उधर पंघाल ने कहा कि अगर वे यहां से नहीं जाएंगे तो 29 जनवरी से प्रदेश में समिति द्वारा किए जा रहे धरना प्रदर्शन का वे विरोध करेंगे। पंघाल ने कहा है कि उन्हें मीटिंग में जान से मारने की धमकी दी गई है वे इस मामले को लेकर आईजी से मिलकर शिकायत दर्ज करवाएंगे।
यशपाल मलिक बोले सरकार के भेजे हुए लोग थे
मीटिंग छोड़कर जब समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक नीचे आ गए तो उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि ये सरकार के भेजे हुए लोग हैं। माहौल खराब हमने नहीं इन लोगों ने किया है। जब संगठन से इन्हें निकाला जा चुका है तो बिना बुलाए मीटिंग में क्यों आए। अगर बात ही करनी है तो मुझसे क्यों... हिसार के लोग हैं... हमारे जिला अध्यक्ष से बात करें। हरियाणा की बात है तो हमारे प्रदेशाध्यक्ष से बात करें। रतेरा की खिलाफ के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे पहले उपाध्यक्ष थे जो छह महीने पहले हांसी में निकाल दिए थे। उनके दो बच्चे सरकार में अधिकारी हैं वो सरकार का बंधक है। वो सरकार का कैसे विरोध करेगा।
यूपी से आए लोग माहौल खराब कर चले जाएंगे लड़के मरेंगे तो हमारे
जाट संघर्ष समिति हवासिंह सांगवान गुट के दलजीत पंघाल ने कहा कि वे तो अपनी बात कहने के लिए उठे थे। मैं यशपाल मलिक से ये पूछना चाहता था कि आखिर मेरा कसूर तो बताओ। सारा कसूर मलिक का है या तो वे मेरा कसूर गिनवा दें या मैं उनके कसूर गिनवाता हूं। मेरी बात सुनने से पहले ही हंगामा कर दिया। यूपी से आए लोग प्रदेश का माहौल खराब करेंगे। खुद तो यूपी जाकर बैठ जाएंगे लड़के मरेंगे तो हमारे, जेल जाएंगे तो हमारे।
ये रहे मौजूद
बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष सूबे सिंह ढाका, कपूर सिंह देपल, अशोक बल्हारा, कृष्ण किरमारा, बलवान सिंह, होशियार सिंह, राजकुमार, सुरेंद्र मलिक, कुलदीप गोदारा, जितेंद्र उर्फ बबला, राजेंद्र शास्त्री, रणजीत सहरावत, रोहताश हुड्डा, बीएस अहलावत, बलवान सुंडा व कई अन्य मौजूद थे।
मैं शेरसिंह रतेरा, सतवीर पूनियां, ओमप्रकाश लाडवा के कहने पर मीटिंग में एकता के लिए गया था। इन्होंने मेरी बात नहीं सुनी और झगड़े पर उतारू हो गए। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक और जिलाध्यक्ष कृष्ण किरमारा ने मीटिंग में मुझे धक्के मारे और जान से मारने की धमकी दी। सुबह आईजी से मिलकर शिकायत करूंगा।
- दलजीत पंघाल, सांगवान गुट
दलजीत पंघाल संगठन छोड़कर पहले ही जा चुुका है। मीटिंग हमारे संगठन की थी। ये सरकार के भेजे हुुए लोग हैं। जो मीटिंग में लड़ाई झगड़ा कर आंदोलन को फेल करना चाहते हैं। हमारी ओर से किसी तरह की धक्का मुक्की नहीं हुई और ना ही जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया तो हम मीटिंग समाप्त कर नीचे आ गए।
- यशपाल मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति