प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा है कि लोकतंत्र में वोट लेने के लिए कर्ज माफी एक लुभावना हथियार है। मगर सोचने का विषय है कि किसान कर्ज में क्यूं हो। अगर खेतीबाड़ी लाभदायक होगी तो उसे कर्ज लेने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। हमारी कोशिश यही रहेगी कि किसानों की आमदनी इतनी हो जाए कि उसे कर्ज लेने की जरूरत ही न पड़े। कर्ज माफी किसी समस्या का समाधान नहीं है। आमदनी बढ़ाना ही इसका समाधान है। कृषि मंत्री बुधवार को हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि किसान फसल पैदा तो कर लेता है, लेकिन उसे बाजार नहीं मिलता। हमारा मकसद किसानों को बाजार उपलब्ध कराना है। हम चाहते हैं कि किसान के दरवाजे पर बाजार उपलब्ध हो, ताकि खरीदार वहां पहुंचकर सामान खरीदे, जिससे किसान को फायदा हो व खरीदार को भी सस्ता सामान मिले और साथ ही बिचौलिए खत्म हो। इसके तहत हर छह से सात गांवों के बीच वीकली बाजार लगाने की योजना है, जहां किसान अपना माल बेच सकेंगे।
इनक्यूबेटर सेंटर से मिलेगा मंच
एचएयू के इनक्यूबेटर सेंटर शुरू करने से युवाओं को काफी फायदा होगा। क्योंकि युवाओं के पास आज के समय पर नए आइडियाज तो हैं, लेकिन उन्हें कैसे सफल करें, इसके लिए विवि उन्हें मंच उपलब्ध कराएगा। इससे जो युवा विदेशों में जाकर कामयाब होते हैं, अब अपनी धरती ही सफल उद्यमी बनेंगे।
फिशरीज कॉलेज पर नहीं कोई विवाद
एचएयू व लुवास के बीच फिशरीज कॉलेज को लेकर चल रहे विवाद पर कृषि मंत्री ने कहा कि दोनों सरकार के उपक्रम है और इनके बीच कोई विवाद नहीं है। अगर लुवास भी फिशरीज कॉलेज खोलना चाहता है तो वह भी प्रदेश में कहीं भी फिशरीज खोल सकता है।
गन्नौर में बनेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की मंडी
किसानों की आय बढ़ाने पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने गन्नौर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की मंडी बनाने के लिए 400 करोड़ रुपये दिए हैं, जिसमें सभी तरह की सुविधाएं होंगी। इसमें पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज की भी सुविधा होगी। इसके अलावा किसानों को मंडियों में सस्ते रेट पर भोजन उपलब्ध कराना, फसलों का भाव बढ़ाना, पानी की अच्छी व्यवस्था करना, खेती के साथ-साथ अन्य व्यवसाय शुरू करवाना आदि योजनाओं पर काम किया जा रहा है, ताकि उसकी आय दोगुनी हो सके। धान घोटाले पर कहा कि चेकिंग के दौरान कुछ जगह माल मिला है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।