गवर्नमेंट आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) के 400 के करीब विद्यार्थियों को मारुति कंपनी में ट्रेनिंग का मौका मिला है। इस दौरान विद्यार्थियों को 9 से 10 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। कॉलेज के करीब 10 ट्रेड के विद्यार्थियों का चयन कंपनी ने किया है। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के चयन पर कॉलेज प्राचार्य और प्राध्यापकों ने खुशी जाहिर की। चयनित विद्यार्थी 2014, 2015 और 2016 बैच के हैं।
गुड़गांव की मारुति सुजुकी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी 13 अगस्त को गवर्नमेंट आईटीआई में आई थी। इस दौरान उन्होंने करीब 1300 विद्यार्थियों का टेस्ट लिया था। इस टेस्ट में करीब 700 विद्यार्थी अपीयर हुए थे। इसके बाद कंपनी ने 8 और 9 सितंबर को इंटरव्यू लिए, जिनमें से कंपनी ने कॉलेज के 400 विद्यार्थियों को प्रशिक्षु के तौर पर चयनित कर लिया। एक अक्टूबर से इन्हें ज्वाइन करवा लिया जाएगा। इस मौके पर संस्थान के प्राचार्य सुशील कुुमार ने विद्यार्थियों व उनके प्राध्यापकों को बधाई दी।
स्किल इंडिया अभियान में कारगर भूमिका में संस्थान
कॉलेज के प्राचार्य सुशील कुमार ने बताया कि हमारे संस्थान के 400 विद्यार्थियों का एक साथ इतनी बड़ी कंपनी द्वारा चयन करना बहुत बड़ी बात है। इतने विद्यार्थियों के चयन से साबित हो गया है कि संस्थान स्किल इंडिया के अभियान में कारगर भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों की इस सफलता पर विद्यार्थियों और उनके प्राध्यापकों ने बधाई दी।
उम्मीद के मुताबिक दक्ष युवा मिले
साक्षात्कार लेने के लिए आईटीआई आए कंपनी के अधिकारी अरुण कुमार और अजय राय ने बताया कि हमें उम्मीद थी कि हमें यहां से स्किल्ड युवा मिलेंगे। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में दक्ष युवाओं का मिलना बहुत बड़ी बात है। उन्होंने बताया कि वे एक महीने बाद कुछ और भर्तियों के लिए फिर इस संस्थान में आएंगे। मारुति कंपनी ने आईटीआई की फीटर, बर्नर, मशीनीसिट, इलेक्ट्रिशियन, मोटर मैकेनिक, डीजल मैकेनिक, ट्रैक्टर मैकेनिक, पेंटर, सिविल और इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक के विद्यार्थियों का चयन किया है।
एनसीसी के विद्यार्थियों ने बनाई व्यवस्था
नौकरी व ट्रेनिंग के लिए बड़ी संख्या में आए विद्यार्थियों को कंट्रोल करने व अनुशासन बनाए रखने के लिए एनसीसी के एनसीसी के विद्यार्थियों ने कमान संभाली। कंपनी अधिकारी भी विद्यार्थियों द्वारा संभाली गई इस व्यवस्था की तारीफ करते नहीं थके। व्यवस्था संभालने में प्राध्यापक सत्यवान सिवाच, नीरज लिखा, राजपाल यादव, रमेश कुमार, अमर कुमार और एनसीसी ऑफिसर राजेश कुमार ने भूमिका निभाई।
छात्रों के चयन से मिला विश्वास
हिसार। बड़ी संख्या में छात्रों के चयन होनेे से आईटीआई संस्थानों को एक तरह की संजीवनी मिल गई है। इसके बाद अब संभावना जताई जा रही है कि अगली बार गवर्नमेंट आईटीआई में दाखिले को लेकर कड़ी प्रतियोगिता होगी। गवर्नमेंट आईटीआई की सभी सीटों पर कड़ा कंपीटीशन होता है। लेकिन इस बार प्राईवेट संस्थानों में बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई। करीब 400 विद्यार्थियों के चयन के बाद इन संस्थानों में भी नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
उद्योगों की मांग पर कोर्स शामिल कर तैयार हो रहे छात्र
गवर्नमेंट आईटीआई के प्राध्यापक राजपाल यादव के अनुसार उनके संस्थान में सभी कोर्स इंडस्ट्री की डिमांड के हिसाब से है। संस्थान में पर्याप्त संसाधनों के कारण विद्यार्थी बेहतर तरीके से प्रेक्टिकल कर पाते हैं। इंडस्ट्री में जिस तरह का काम होता है, उसका प्रैक्टिकल विद्यार्थी अपने संस्थान में ही कर लेते हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। जिससे हमारे बच्चों में दक्षता बढ़ी है। इसके साथ ही विद्यार्थी अब भविष्य को लेकर ज्यादा चिंतित दिखाई देने लगे हैं। यही कारण है कि हमारे विद्यार्थियों में बेहतर स्किल हैं।