हिसार। जिले के हांसी सब डिवीजन नागरिक अस्पताल में कोरोना संक्रमित की मौत के मामले में सीएम विंडो पर शिकायत के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने वीरवार को पहली बार सुनवाई की। तीन सदस्यीय टीम मामले की जांच के लिए बुधवार को हांसी नागरिक अस्पताल गई और वहां मृतक के परिजनों, एसएमओ व एक संस्था के प्रधान को मौके पर बुलाकर पूछताछ की।
टीम ने सबसे पहले अस्पताल के एसएमओ डॉ. राहुल बुद्धिराजा से पूछताछ की। उनसे पूछा गया कि इसके लिए किस डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई थी और उस समय सैंपल लेते समय किस डॉक्टर की ड्यूटी थी। सूत्रों के अनुसार एसएमओ टीम को कोई स्पष्ट जवाब नहीं सके और न ही उन्होंने ड्यूटी पर तैनात किसी डॉक्टर का नाम बताया है।
इसके बाद पूछताछ के लिए बैठक में परिजनों को बुलाया गया। इस दौरान मृतक के परिजनों के फोन बंद करवा दिए गए थे। इस मामले में टीम सदस्यों ने करीब 2 घंटे तक मृतक के परिजनों व अस्पताल स्टाफ से पूछताछ की। करवा चौथ की वजह से सभी स्टाफ मौजूद न होने के कारण पूछताछ पूरी नहीं हो सकी। तीन सदस्यीय टीम का नेतृत्व जिला अस्पताल के डॉ. आशीष राणा ने किया। टीम में एक महिला डॉक्टर व एक अन्य स्टाफ शामिल था। प्रशासन की तरफ से एक सामाजिक संस्था का प्रधान भी जांच के लिए मौके पर गया था।
परिजनों से यह पूछा
सूत्रों के अनुसार टीम ने मृतक के परिजनों से पूछा कि वे कब अस्पताल आए थे और कब जांच हुई थी। किस डॉक्टर से कब और क्या बात हुुई थी। मृतक के परिजनों ने कहा कि वे दोपहर करीब 12:00 बजे अस्पताल आए थे और 4:30 बजे उनके पिता को रेफर किया गया था। इसी बीच यह घटनाक्रम हुआ था।
एक माह बीता, इंस्टॉल नहीं हुए वेंटिलेटर
इस घटनाक्रम के बाद विभाग द्वारा हांसी अस्पताल में दो वेंटिलेटर उपलब्ध करवाए गए, वे एक माह बीत जाने के बाद भी इंस्टॉल नहीं हो पाए हैं। इस बारे में स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि अस्पताल की एनेस्थीसिया डॉक्टर की ड्यूटी कुछ दिन के लिए ट्रेनिंग के लिए जिला अस्पताल में लगाई गई है। वे ट्रेनिंग के दौरान वेंटीलेटर चलाने की पूरी प्रक्रिया को सही तरह से समझ लेंगी, उसके बाद ही अस्पताल में वेंटिलेटर सुचारु किए जाएंगे।
यह था मामला : तीन अक्तूबर को हांसी निवासी एक बुजुर्ग ने नागरिक अस्पताल में तड़पते हुए दम तोड़ दिया था। विभाग के कर्मचारियों या चिकित्सकों ने कोरोना होने के कारण व्यक्ति को समय पर इलाज मुहैया नहीं कराया था। इस बारे में अमर उजाला ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया और जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इस मामले में 7 अक्तूबर को मृतक के परिजनों ने न्याय की मांग के लिए सीएम विंडो में भी शिकायत दी थी।
अभी दूसरी सुनवाई बाकी
हांसी निवासी मृतक संक्रमित व्यक्ति मामले में पूछताछ और घटनाक्रम का जायजा लेने के लिए मैं टीम के साथ हांसी अस्पताल गया था। उस समय मृतक के परिजनों को भी बातचीत के लिए बुलाया गया था। फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि मामले में दूसरी सुनवाई होनी बाकी है। दूसरी सुनवाई होने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आशीष राणा, एनेसथीसिया, नागरिक अस्पताल, हिसार।