हिसार। गुजवि के बायो एंड नैनो विभाग में 26 वर्षीय छात्रा के आत्महत्या प्रकरण में वीरवार को जांच कमेटियों ने अपनी रिपोर्ट महिला आयोग के समक्ष पेश की। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि मृतका के पिता एफआईआर रद्द कराना चाहते हैं। वीरवार को डीएसपी भारती डबास, एसआईटी, संबंधित एसएचओ, गुजवि जांच कमेटी अध्यक्ष व जांच कमेटी के अन्य सदस्य पंचकूला आयोग में पहुंचे।
जांच कमेटी ने बताया कि मृतका के पिता ने पुलिस को एफिडेविट देकर एफआईआर रद्द करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि इसका कारण अभी नहीं बताया है। गुजवि की जांच कमेटी का कहना है कि भविष्य में ऐसा दोबारा न हो, इसके लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी के जैसी ही लैब यहां बनाई जाएगी। महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रीति भारद्वाज ने बताया कि वह अगले सप्ताह हिसार भी आ सकती हैं।
उल्लेखनीय है कि गुजवि के बायो एंड नैनो विभाग में एक पीएचडी छात्रा ने लैब में जहर निगल कर आत्महत्या कर ली थी। मृतका के पिता ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी ने 6 महीने पहले उसे बताया था कि उसके विभाग का चेयरपर्सन संदीप और उसकी पीएचडी गाइड नमिता उसे परेशान करते हैं।
जो दोषी हो उन्हें सजा मिले, निर्दोष को छोड़ा जाए
मेरी तरफ से एफिडेविट दिया गया है कि अगर जांच में आरोपी निर्दोष पाए जाते हैं तो उन्हें छोड़ दिया जाए। अगर दोषी पाए जाए तो सजा अवश्य मिले। केस रद्द करने का एफिडेविट नहीं दिया गया।
- राजेश, मृतका के पिता