इनेलो नेता जोगेंद्र काहलो की सड़क दुर्घटना में रविवार शाम को मौत हो गई। वे निजी वाहन से खुद ड्राइव करते हुए हिसार से डबवाली जा रहे थे।
इस दौरान सिरसा-डबवाली के बीच गांव साहूवाला फर्स्ट के पास नेशनल हाईवे पर एक लावारिस सांड से उनका वाहन टकरा गया।
इसके बाद वाहन कई बार पलटियां खाते हुए क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में काहलो की मौके पर ही मौत हो गई। उनके पार्थिव शरीर को सिरसा के डेड हाउस में रखा गया है। परिजन उसे लेने के लिए रवाना हो गए।
इनेलो जिला प्रवक्ता मंदीप बिश्नोई ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि काहलो के निधन से पार्टी और पंजाबी समाज में शोक की लहर छा गई।
सेक्टर 14 निवासी काहलो शहर हल्का अध्यक्ष रह चुके हैं। सम्पत सिंह के साथ उन्होंने पार्टी छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन की थी। बाद में 2014 के लोकसभा चुनाव में काहलो ने इनेलो पार्टी फिर से ज्वाइन कर ली थी।
काहलो की पंजाबी समाज में अच्छी पकड़ थी और समाज के कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर भाग लेते थे। उनकी मौत की सूचना मिलते ही पार्टी पदाधिकारी और समाज के लोगों का उनके आवास पर रात को जमावड़ा हो गया।
52 वर्षीय काहलो अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। इनेलो नेता जोगेंद्र काहलो ने मीट मार्केट को शिफ्ट करने के लिए आंदोलन चलाया हुआ था।