हिसार-लुधियाना रेलवे ट्रैक पर अग्रोहा मार्ग के रेलवे फाटक के नजदीक रविवार को एक विवाहिता अपनी दो छोटी बच्चियों के साथ पैसेंजर ट्रेन के आगे कूद गई।
हादसे में महिला की मौत हो गई, जबकि दोनों मासूम बच्चियां सुरक्षित बच गईं। मृतका की पहचान गांव खेदड़ में विवाहिता 26 वर्षीय सुमन के रूप में हुई है।
सुमन खेदड़ में अपने ससुराल वालों को जींद के गांव जुलानी स्थित अपने मायके जाने की बात कहकर अपनी बच्ची खुशी व समिति को लेकर निकली थी।
लेकिन उसने कुछ और ही करने की सोच रखी थी। सुमन के परिजनों ने पुलिस को दिए बयान में सुमन को मानसिक रूप से बीमार बताया है। सुमन के पिता फूल सिंह ने बताया कि सुमन काफी दिनों से मानसिक रूप से परेशान थी।
सूचना पर पहुंची रेलवे पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अपने कब्जे में ले लिया है। जीआरपी के एएसआई अनिल कुमार ने बताया कि सोमवार को मृतका के शव का पोस्टमार्टम होगा।
सुमन का विवाह करीबन 5 साल पहले खेदड़ गांव के मुकेश उर्फ मन्ना के साथ हुआ था। शादी के बाद सुमन को दो बच्चियां हुईं, जिनमें बड़ी खुशी और छोटी बेटी समिति थी। खुशी की उम्र 3 वर्ष व समिति की उम्र 1 साल है।
रविवार को जिस वक्त यह हादसा हुआ उस दौरान ये दोनों भी सुमन के साथ ही थीं।
वहीं प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो अग्रोहा-बरवाला रोड पर स्थित गोशाला के नजदीक सुमन ने अपनी बच्चियों के साथ ट्रेन के नीचे आने का प्रयास किया।
इसी बीच ट्रैक के किनारे पड़ी रोड़ियों पर उसका पैर फिसल गया और उसकी बच्चियां दूर गिर गईं। वहीं सुमन ट्रेन की चपेट में आ गई और उसका सर धड़ से अलग हो गया।
हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। मृतक महिला की शिनाख्त करीब 5 घंटे बाद हो पाई।
गेटमैन बोला, बिलख रहीं थी मासूम
रविवार को अग्रोहा-बरवाला रेलवे फाटक पर गेटमैन मूलचंद यादव की ड्यूटी थी। यादव ने बताया कि लुधियाना से हिसार की तरफ जा रही ट्रेन गुजरने के बाद उसने फाटक खोला।
गौशाला के नजदीक उसकी नजर पड़ी तो ट्रैक पर एक शव था और पास में दो बच्चे बिलख रहे थे। गोशाला के लोगों को लेकर वह मौके पर पहुंचा।
बाद में गौशाला सेवकों ने बच्चियों को उठा लिया, जबकि गेटमैन मूलचंद ने इस संबंध में रेलवे स्टेशन के अधिकारियों को सूचना दी।
जब मृतका के शव को उठाया जा रहा था तो बड़ी बेटी अपनी मम्मी को आवाज लगाने लगी। गो शाला सेवकों ने बच्चियों को उठाकर गोशाला से दूध पिलाया व बिस्कुट आदि खिलाए।