हिसार। हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद (एचएसएचईसी) के अध्यक्ष प्रो. केसी शर्मा ने कहा कि भारत का विज्ञान और दर्शन सदियों से विश्व में श्रेष्ठ रहा है। भारतीय ज्ञान परंपरा में ही आधुनिक विज्ञान की जड़े हैं। प्रो. शर्मा यह वक्तव्य जीजेयू में आयोजित विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संगोष्ठी व नवाचार एवं प्रौद्योगिकी पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (एसटीसी एंड आईसीटी 2026) के समापन समारोह में मुख्यातिथि के रूप में संबोधित करते हुए दिया।
प्रवीन रामदास ने कहा कि विज्ञान भारती केवल भारत की महान विज्ञान विरासत को संरक्षित नहीं कर रही बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी इससे अवगत करवा रही है। हमें यह याद रखना चाहिए कि हमारे पूर्वजों ने विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में किस प्रकार अग्रणी कार्य किया। विज्ञान भारती ने भारतीय भाषाओं में विज्ञान की शिक्षा को सुगम बनाया है।
प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय ने कहा कि वर्तमान युवा पीढ़ी न केवल कौशलयुक्त है बल्कि समाज और राष्ट्र की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार है। विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में युवा पीढ़ी की भूमिका प्रमुख रहेगी और भारत शोध, नवाचार, अनुसंधान, और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रहा है।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि इस सम्मेलन ने अपने उद्देश्य की पूर्ति में सफलता प्राप्त की। उन्होंने उल्लेख किया कि मशीन लर्निंग, क्वांटम कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी, बायोटेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी, और स्मार्ट हेल्थकेयर जैसी तकनीकों ने यह साबित कर दिया है कि भारत ज्ञानधारी अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस दो दिवसीय आयोजन में जीजेयू की दस टीमों, गुरुग्राम विश्वविद्यालय की दो टीमों, सीसीएस एचएयू की एक टीम, केंद्रीय विश्वविद्यालय की एक टीम, चंडीगढ़ की एक टीम और सीडीएलयू की एक टीम सहित कुल 16 टीमों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में 2400 स्कूली विद्यार्थियों, 500 से अधिक विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने भी भाग लिया।
भारतीय ज्ञान परंपरा हमें सिखाती है कि तकनीक हमारी मित्र होनी चाहिए: प्रो. बीआर कंबोज
एचएयू के कुलपति प्रो. बीआर कंबोज ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा हमें यह सिखाती है कि तकनीक हमारी शत्रु नहीं, मित्र होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नवाचार का उद्देश्य केवल प्रयोगशालाओं में ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की भलाई होना चाहिए।
विकसित भारत की कल्पना में बच्चों की जिम्मेदारी सबसे ज्यादा होगी: प्रो. विनोद कुमार वर्मा
लुवास के कुलपति प्रो. विनोद कुमार वर्मा ने कहा कि इस कार्यक्रम में हमने चर्चा की कि भारत को 2047 तक विकसित भारत के रूप में कैसे रूपांतरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कई क्षेत्रों में हम पहले ही ऊंचाइयां छू चुके हैं, जैसे डिफेंस क्षमता, इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं में आत्मनिर्भरता।
भारत के बढ़ते कदमों की जानकारी मिली: डॉ. विजय कुमार
कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने कहा कि इस सम्मेलन ने हमें भारतीय ज्ञान परंपरा से रूबरू करवाया और साथ ही आधुनिक विज्ञान के सिद्धांतों से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम भारत के बढ़ते कदमों को समझने का एक उत्कृष्ट अवसर रहा। मंच संचालन डॉ. पल्लवी ने किया।
प्रतियोगिता परिणाम
विविएम के हरियाणा कॉर्डिनेटर डॉ. विवेक गुप्ता ने बताया कि हैकाथॉन इवेंट में टेकतरंग हैकाथॉन प्रतियोगिता में जीजेयू की टीम क्विक क्यू ने फरहान खान, लवन्या और सृष्टि दिवानी के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की टीम टेकइनोवेट ने अनीष, अक्षत राज, यश प्रताप सिंह और विशाल के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जीजेयू की टीम हैक 4 हेल्थ की जीविका, संजू और मोहित यादव तृतीय स्थान पर रहे। बेस्ट ओरल प्रतियोगिता में रिचा खिरबट और जितेंद्र ने प्रथम, प्रियंका और गर्वित कुमार ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। बेस्ट पोस्टर प्रतियोगिता में खुशबू डोरवा और सतीश ने प्रथम, नीरज और दीपिका ने द्वितीय, जबकि पूनम और नील कमल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।