कोरोना के चलते ज्यादातर लोग अपना इलाज करवाने के लिए सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। कहा जाए तो ऐसे में प्राइवेट अस्पतालों की अपेक्षा मरीजों का सरकारी अस्पतालों की ओर विश्वास काफी बढ़ा है। इन दिनों सरकारी अस्पताल में ओपीडी के अलावा सीजेरियन ऑपरेशन की भी सेवाएं दी जा रही हैं।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा करीब 47 मोबाइल टेली मेडिसिन टीम भी बनाई गई है, जो लोगों को घर बैठे ही ओपीडी सेवाएं, इलाज और दवा संबंधित सेवाएं निशुल्क दी जा रही हैं। इससे लोगों का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में काफी विश्वास बढ़ा है। लॉकडाउन के चलते प्राइवेट अस्पतालों में ओपीडी भी करीब 40 प्रतिशत कम हुई है। इस बारे में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का कहना है कि लॉकडाउन के चलते शहर या आसपास के लोग ही अस्पताल में पहुंच रहे हैं। ग्रामीण एरिया में बस सेवा बंद होने से लोग और उनका स्टाफ पहुंच नहीं पा रहा है, जिससे उनकी ओपीडी सेवाओं पर काफी असर पड़ा है।
सरकारी अस्पताल में प्रतिदिन किए जा रहे 10 से 12 सीजेरियन ऑपरेशन
लॉकडाउन के चलते भी सरकारी अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 12 सीजेरियन ऑपरेशन किए जा रहे हैं, जिनमें गर्भवती महिलाएं, गंभीर रूप से घायल या इमरजेंसी सर्जरी शामिल हैं। इसके लिए विभाग द्वारा नियमित रूप से चिकित्सकों आदि स्टाफ की व्यवस्था बनाई गई है, ताकि लोगों को समय पर सुविधा मिल सके। इससे पहले 15 से 20 सर्जरी की जा रही थीं, लेकिन कोरोना के चलते काफी चिकित्सकों की ड्यूटी आइसोलेशन वार्ड में लगी हुई है, जिससे सर्जरी की संख्या में कमी आई है।
शुगर व बीपी जांच के लिए बनाई टेली मेडिसिन टीम
विभाग द्वारा शुगर और बीपी मरीजों का निरंतर चेकअप और जांच के लिए टेली मेडिसिन टीम बना दी गई है। इसके जरिए सभी शुगर और बीपी मरीज टीम सदस्य चिकित्सक के पास फोन कर जानकारी ले रहे हैं, जिससे उन्हें अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इस दौरान यदि किसी मरीज की तबीयत गंभीर हो तो चिकित्सक द्वारा उन्हें अस्पताल में आने की हिदायत दी जाती है।
ये सुविधाएं बढ़ीं
लॉकडाउन के चलते जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में करीब 16 नए रेगुलर डॉक्टर तैनात किए गए हैं और कुछ डॉक्टर कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर लिए गए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में आईसीयू बनाने के लिए तीन नए वेंटिलेटर भी आए हैं, ताकि गंभीर मरीजों को रेफर करने के बजाय उन्हें वहीं पर इलाज मिल सके। सरकारी अस्पतालों के पास काफी बजट भी आया है, जिससे अधूरे और रुके हुए कार्यों को पूरा किया जा सके।
पहले के मुकाबले ओपीडी में पहुंच रहे 80 प्रतिशत मरीज
अब नागरिक अस्पताल में 80 प्रतिशत ओपीडी पहुंच रही है। लॉकडाउन से पहले अस्पताल की प्रतिदिन की ओपीडी 1500 से 1600 तक रहती थी। इसका कारण है कि विभाग की तरफ लोगों को घर बैठे ही टेली मेडिसिन टीम द्वारा ओपीडी सेवाएं पहुंचाई जा रही है।
लॉकडाउन ने बदली लोगों की दिनचर्या व खानपान
जिला नागरिक अस्पताल में तैनात बीएएमएस डॉ. सुखबीर सिंह के मुताबिक लॉकडाउन ने लोगों की दिनचर्या व खानपान को बदल दिया है। आजकल लोग बाहर की बजाय घर में बना हुआ शुद्ध भोजन खा रहे हैं। छोटी-मोटी बीमारियों के लिए घरेलू नुस्खे अजवायन, काली मिर्च, लहसुन, हल्दी, शहद आदि चीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं। चूंकि लोग बाहर पार्कों में घूमने नहीं जा पा रहे हैं तो घर में ही योग आदि करके खुद को स्वस्थ रख रहे हैं।
वर्जन
लॉकडाउन के चलते सभी प्राइवेट अस्पतालों में ओपीडी और ऑपरेशन जैसी सभी सुविधाएं कम रही हैं। अब ग्रामीण एरिया में बस सेवा बंद होने से यहां के लोग और स्टाफ पहुंच नहीं पा रहे हैं। हालांकि आसपास के लोग निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
- डॉ. जेपीएस नलवा, जिला प्रधान, आईएमए