एचएसवीपी द्वारा तीन मार्च को एन्हांसमेंट पर जारी ‘अंतिम समाधान योजना’ में गड़बड़ी के कारण प्लाट धारक विभाग के चक्कर काट रहे हैं। ऑल सेक्टर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप वत्स ने बताया कि एक सेक्टर में एक साइज के प्लाटों की राशि वर्ग गज अथवा वर्ग मीटर में एक समान आनी चाहिए। लेकिन पीपीएम सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी की वजह से प्लाटधारकों के खातों में लाखों रुपये की गलत राशि अपडेट हुई है।
रविवार को जारी एक बयान में वत्स ने बताया कि इस योजना के तहत जिन 58 सेक्टरों के 15,430 प्लाटों की राशि अपडेट हुई है। उन सभी सेक्टरों में पीपीएम सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी से हजारों प्लाटधारकों के खातों में गलत राशि अपडेट हुई है । ऑल सेक्टर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से इस योजना को फिलहाल स्थगित कर सॉफ्टवेयर की गड़बड़ियों को ठीक कराया जाए। इसके बाद नियमानुसार पुन: राशि अपडेट करने की व्यवस्था की जाए।
एक रुपया भी ज्यादा जमा करवाने से नहीं मिल रहा पूर्ण लाभ
वत्स ने कहा कि एचएसवीपी द्वारा सॉफ्टवेयर को इस प्रकार से अपग्रेड किया गया है, जिसमें किसी प्लाटधारक ने एक्सटेंशन फीस या अन्य कोई भी राशि भरते समय एक रुपया भी ज्यादा जमा करवा रखा है, तो सॉफ्टवेयर आवंटी को डिफॉल्टर की श्रेणी से बाहर कर रहा है। इसी वजह से हजारों प्लाटधारकों को इस समाधान योजना का पूर्ण लाभ नहीं मिल रहा। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी वी. उमाशंकर को राशि अपडेट में हुई गड़बड़ियों के बारे में तथ्यों के साथ अवगत कराया है।
लिखित आपत्ति दर्ज करवाएं सेक्टरवासी
योजना के तहत किसी प्लाटधारक के खाते में यदि गलत राशि अपडेट हुई है, तो वो एक्सटेंशन फीस या अन्य कोई बकाया की ज्यादा भरी गई राशि की रसीद संलग्न कर एचएसवीपी कार्यालय में लिखित शिकायत जमा करवाए। प्लाटधारकों की आपत्तियों पर एचएसवीपी मुख्य प्रशासक की अध्यक्षता में गठित ग्रीवेंस कमेटी अंतिम निर्णय लेगी।
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दो उदाहरण से समझिए गड़बड़ी.........
1. हिसार सेक्टर 16,17, 13 पार्ट के प्लाट संख्या 1259पी (404 गज) के आवंटी को मात्र 12 पैसे एक्सटेंशन फीस ज्यादा भरने पर लगभग 15.50 लाख रुपये अधिक राशि अपडेट हुई है। आवंटी ने वर्ष 2016 तक की सात साल की एक्सटेंशन फीस राशि 32,410.88 रुपये भरते समय 32,411 रुपये (मात्र 12 पैसे) ज्यादा जमा करवा दिए। इस कारण सॉफ्टवेयर ने 12 पैसे को एनहांसमेंट की किश्त मानकर प्लाट को डिफॉल्टर श्रेणी से बाहर कर दिया। उसको राशि अपडेट के बाद कुल देय राशि 22,12,910 रुपये से घटाकर 20,19,912 रुपये (मात्र 8.72 प्रतिशत) अपडेट की गई है। जबकि इसी सेक्टर में अन्य डिफॉल्टर श्रेणी के प्लाटधारकों की लगभग 81 प्रतिशत तक राशि घटी है। यानि 12 पैसे के लिए लगभग 15.50 लाख रुपये अधिक राशि की डिमांड एचएसवीपी कर रहा है।
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उदाहरण - 2
हिसार सेक्टर-3 में प्लॉट नंबर-154 के (200 गज) की राशि अपडेट होने के बाद मात्र 5.79 प्रतिशत घटी है। इस आवंटी ने एक्सटेंशन फीस भरते समय 583 रुपये की बजाय 590 रुपये यानि सात रुपये ज्यादा भर दिए। इसी 7 रुपये ज्यादा अदा करने पर आवंटी को अन्य प्लॉटधारकों से लगभग 7.30 लाख रुपये ज्यादा एनहांसमेंट राशि भरनी पड़ रही है। इसी सेक्टर में राशि अपडेट के बाद 60.32 प्रतिशत घटी है। सेक्टरों में बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।
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हिसार जोन के इन 9 सेक्टरों के कुल 4683 प्लॉटों की राशि हुई अपडेट -
हिसार सेक्टर : 3, 5, 4 पार्ट (प्लॉट : 880)
हिसार सेक्टर: 16,17,13पी (प्लॉट: 1739)
हिसार सेक्टर: 1, 4, (प्लॉट: 399)
फतेहाबाद सेक्टर: 3, (प्लॉट: 671)
फतेहाबाद सेक्टर: 3 पार्ट (प्लॉट: 238)
जींद सेक्टर: 6 (प्लॉट:63)
जींद सेक्टर: 7 (प्लॉट:148)
जींद सेक्टर: 8 (प्लॉट:326)
जींद सेक्टर: 9 (प्लॉट - 219)