प्रदेश सरकार ने इस बार विश्वविद्यालयों के बजट में कोई खास इजाफा तो किया नहीं, इसके उलट कई विश्वविद्यालयों का बजट जरूर कम कर दिया। जींद की चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी का बजट 2019-20 की अपेक्षा 5 करोड़ घटाकर 20 करोड़ किया गया। भिवानी की चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी का बजट 51 करोड़ से घटाकर 35 करोड़ रुपये किया गया है। प्रदेश में सबसे ज्यादा बजट हिसार के चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) को 650 करोड़ आवंटित हुआ। बजट में इस बार पीएफ और पेंशन के चलते करीब 15 करोड़ रुपये अधिक मिले हैं।
सबसे अधिक बजट पाने के मामले में दूसरे नंबर पर भी हिसार का ही लाला लाजपत राय पशु विज्ञान एवं पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय (लुवास) है। लुवास को 270 करोड़ रूपये मिले, जबकि पिछले साल 2019-20 के बजट में 146.55 करोड़ और 2020-21 में 281 करोड़ बजट आवंटित हुआ था। हालांकि कोरोना संकट के बीच संशोधित बजट 205.49 करोड़ का था। हिसार शहर के तीसरे गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (गुजवि) की बात करें तो इस विवि के बजट में भी मामूली इजाफा किया गया है और यह 95 लाख से बढ़कर 95.25 लाख हो गया है।
प्रदेश के मुख्य विश्वविद्यालयों का बजट -
लाला लाजपत राय पशु विज्ञान एवं पशु चिकित्सा विवि हिसार - 270 करोड़।
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय - 650 करोड़।
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज अग्रोहा - 95 करोड़।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय - 180 करोड़।
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय - 50 करोड़।
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय - 95.25 करोड़।
दीनबंधु सर छोटू राम विश्वविद्यालय मुरथल - 97 करोड़।
वाईएमसीए फरीदाबाद - 42.0 करोड़।
स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफोर्मिंग एंड विजुअल आर्ट - 30 करोड़
सीडीएलयू सिरसा - 35 करोड़।
भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर - 45 करोड़
आईजी विश्वविद्यालय मीरपूर, रेवाड़ी - 15 करोड़।
डॉ. बीआर आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी - 35 करोड़।
सीबीएलयू भिवानी - 35 करोड़।
सीआरएसयू जींद - 20 करोड़।
महर्षि वाल्मीकि संस्कृत यविश्वविद्यालय कैथल - 30 करोड़।
श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र - 20 करोड़।
बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल - 85 करोड़।