फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डेयरी में खड़ी-खड़ी गिर रहीं भैंसें, 44 की हो चुकी मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के गांव नंगथला में एक-एक करके 44 दुधारू पशुओं की मौत हो गई है। तीन दिन बाद भी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया। खाती-पीती भैंस अचानक डगमगा कर गिर रही हैं और गिरते ही मर जाती हैं।
विज्ञापन

पशुओं की मौत का घटनाक्रम शनिवार को शुरू हुआ और लुवास के वैज्ञानिकों की टीम ने सोमवार को पशुओं के ब्लड, सेल्स, चारे सहित सभी जरूरी सैंपल लिए थे।
डेयरी में हैं 110 दुधारू पशु
गांव के पशुपालक रणबीर सिंह ने बताया कि उनके पास 110 के करीब दुधारू पशु हैं, जो उच्च नस्ल के हैं। शनिवार को अचानक एक भैंस लड़खड़ाकर गिर गई। गांव के वेटरनेरी सर्जन को बुलाया गया और इलाज शुरू किया। वो भैंस कुछ रिकवर हुई, लेकिन इसके बाद लगातार थोड़े-थोड़े अंतराल के बाद भैंसों के अचानक गिरने और गिरते ही मरने का सिलसिला शुरू हो गया। इनमें अधिकतर भैंस मुर्राह नस्ल की हैं, जिनकी कीमत लाखों रुपये है।
लक्षण बदले, 10 की हालत अभी भी गंभीर
ढाणियों में रहने और डेयरी व्यवसाय करने वाले रणबीर सिंह ने बताया कि उनकी 10 के करीब पशुओं की हालत अभी भी गंभीर है। एक भैंस तीन दिन से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। पशुओं के अचानक पैरों में जकड़न आती है और गिर जाता है। इसके बाद ठीक-ठाक स्वस्थ खड़े कुछ पशुओं को दस्त भी लग गए और बाद में उनकी हालत भी गंभीर हो गई।
विज्ञापन

पशुओं को अलग किया, पानी के भी लिए सैंपल
किसी वायरस या अन्य संक्रमण की आशंका को देखते हुए डॉक्टरों और वैज्ञानिकों टीमों की सलाह के बाद डेयरी के सभी पशुओं को अलग-अलग स्थानों पर बांध दिया गया है। उनके खान-पान को लेकर अतिरिक्त हिदायतें बरती जा रही हैं। वैज्ञानिकों की टीम ने पशुओं से संबंधित हर खाने-पीने की चीज के भी सैंपल लिए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
भाजपा नेताओं ने की पशुपालकों से बात
चारों पशुपालक बलबीर, रणबीर, दिनेश, सरजीत भाई हैं और उन्होंने हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन से उचित मुआवजा दिलवाए जाने और बीमार पशुओं का इलाज करने की मांग की है। मंगलवार सुबह भाजपा जिला प्रधान सुरेंद्र पूनिया, फतेहाबाद के जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश फुल्ला, जिला महामंत्री आशा खेदड़ नंगथला गांव में पशुपालकों से मिलने के लिए पहुंचे और सरकार से हर संभव मदद दिलवाने का आश्वासन दिया।
राज्यमंत्री ने ली मामले की जानकारी, इलाज के साथ ही जांच के निर्देश
राज्यमंत्री अनूप धानक ने इस मामले में उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी से बात की। राज्यमंत्री ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को भैंसों की मौत के कारणों की जल्द जांच करने के निर्देश दिए। राज्यमंत्री ने बताया कि उपचार के लिए दवाई आदि का प्रबंध विभाग की तरफ से किया गया है और पशुपालक की मदद के प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉक्टरों की लगाईं तीन शिफ्टें
उपनिदेशक डॉ. राजेंद्र वत्स ने बताया कि विभाग ने 8-8 घंटे की तीन शिफ्टें बनाई हैं। प्रत्येक टीम में दो वेटरनेरी सर्जन व तीन वीएलडीए शामिल हैं। लुवास की विशेषज्ञ टीम की सलाह पर ही अन्य पशुओं का इलाज किया जा रहा है। इलाज के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
फोटो - 47
व्यथा पर संयुक्त निदेशक नहीं रोक पाईं आंसू
पशुओं की मौत के मामले को लेकर पशुपालन विभाग की संयुक्त निदेशक डॉ. कल्पना मंगलवार शाम को गांव नंगथला पहुंचीं और पशुपालक से मामले की जानकारी ली। पशुपालक की व्यथा सुन वे अपने आंसू नहीं रोक पाईं। संयुक्त निदेशक ने अधिकारियों को किसान की हर संभव सहायता करने के निर्देश दिए और कहा कि पशुओं के इलाज के लिए पशुपालक का एक भी रुपया नहीं लगने दिया जाएगा और हर संभव सहायता की जाएगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंतड़ियों में मिले जख्म
लुवास के वैज्ञानिकों द्वारा मंगलवार शाम को किए गए पोस्टमार्टम के बाद आई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पशुओं की अंतड़ियों में जख्म मिले हैं। हालांकि जख्म के कारणों का पता नहीं चल पाया है। लुवास के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गुलशन नारंग ने बताया कि अंतड़ियों व लीवर में जख्म है। इनके कारणों का पता लैब की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही लग पाएगा। रिपोर्ट वीरवार सुबह तक आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें