नारनौंद। गैबीपुर गांव में बकाया कर्ज वसूलने के लिए फाइनेंस कंपनी ने पुलिस की मौजूदगी में किसान कृष्ण के मकान पर ताला जड़ दिया। इससे किसान का परिवार ठंड में भूखा-प्यासा घर के बाहर बैठा रहा। इस घटना से आक्रोशित होकर भारतीय किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बुधवार रात मकान को सील कर लगाया ताला तोड़कर परिवार को घर में प्रवेश दिलाया।
कृष्ण ने 2022 में 11 लाख रुपये का कर्ज लिया था और अब तक चार लाख रुपये चुका चुके हैं। फाइनेंस कंपनी ने बकाया करीब सात लाख रुपये के लिए मकान सील कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों ने किसान संगठनों को सूचना दी। किसान नेताओं ने कंपनी से समाधान की मांग की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने ताला तोड़कर परिवार को घर दिलाया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने किसान एकता जिंदाबाद के नारे लगाए।
कृषक संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष विकास सीसर ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, सरकार बोलती है कि सबको घर देंगे और उसी सरकार के शासन में एक परिवार से उसकी छत छीन ली जाती है। यह न्याय नहीं, सीधा अत्याचार है। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को रोटी, कपड़ा और मकान का अधिकार देता है, लेकिन सरकारी तंत्र और फाइनेंस कंपनियों की मनमानी इसे बाधित कर रही है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि कंपनी ने जल्द समाधान नहीं किया तो हिसार स्थित कंपनी कार्यालय पर भी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से ऐसी घटनाओं को रोकने की मांग की है।