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Hisar News: लाइफलाइन अस्पताल में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर का खुलासा, मशीन सील, आठ पर प्राथमिकी

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हिसार। जिंदल चौक स्थित लाइफलाइन अस्पताल में अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाए जाने का खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम की शिकायत पर पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन के मामले में अस्पताल संचालक, अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक, चिकित्सक सहित आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। जांच में सामने आया कि अल्ट्रासाउंड करने वाला व्यक्ति पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत पंजीकृत नहीं था।
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डिप्टी सिविल सर्जन-सह-नोडल अधिकारी डॉ. अनामिका बिश्नोई की शिकायत पर थाना अर्बन एस्टेट पुलिस ने यह कार्रवाई की है। निजी अस्पताल में अवैध अल्ट्रासाउंड किए जाने की सूचना पर सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने डॉ. अनामिका बिश्नोई और डॉ. सुभाष खतरेजा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम गठित की थी।
टीम ने 5 अगस्त को एक डिकॉय ग्राहक (जांच के लिए भेजा गया व्यक्ति) को अस्पताल भेजा। जिंदल चौक स्थित लाइफलाइन अस्पताल में उसका अल्ट्रासाउंड शुरू कर दिया गया। इसी दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया।
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जांच में पता चला कि अस्पताल की दूसरी मंजिल पर स्थित आईसीयू स्टाफ चेंजिंग रूम में अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई गई थी। वहां संदीप श्योराण डिकॉय ग्राहक की इको कर रहे थे। वह पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत पंजीकृत नहीं थे। जांच के दौरान विकास नामक व्यक्ति मोबाइल फोन से अल्ट्रासाउंड मशीन की स्क्रीन की वीडियो रिकॉर्डिंग करता मिला। अधिकारियों ने उसका मोबाइल फोन जांच के लिए कब्जे में ले लिया।
स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर पुलिस ने अस्पताल संचालक रेडियोलॉजिस्ट डॉ. राजेश रेड्डू, उदित चौधरी, अंकित कुमार, बाला, संदीप और विकास के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें अस्पताल संचालक, अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक, अपंजीकृत चिकित्सक और अस्पताल कर्मचारी शामिल हैं।
अल्ट्रासाउंड मशीन को किया सील
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई के बाद अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया है। शिकायत में कहा गया है कि मामले में अवैध गतिविधियों की आशंका है और भ्रूण लिंग जांच की संभावना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता। थाना अर्बन एस्टेट पुलिस ने इस मामले में पीसीपीएनडीटी एक्ट की धारा 18, 23, 25, 29, 3(2) और 9 के साथ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 3(5), 318(4) और 61 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
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