नागरिक अस्पताल में हेल्थ इंस्पेक्टर की बैठक लेते डॉ.सुभाष खतरेजा।
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हिसार। मानसून की दस्तक के साथ ही जिला मलेरिया विभाग डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए मुस्तैद हो गया है। हालांकि विभाग द्वारा मार्च महीने से ही टीमें गठित कर जागरूक अभियान शुरू कर दिया था। मलेरिया विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को जिलेभर से पहुंचें हेल्थ इंस्पेक्टर के साथ मीटिंग कर जरूरी दिशानिर्देश जारी किए हैं।
डिप्टी सीएमओ डॉ. सुभाष खतरेजा ने मीटिंग में उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मच्छर का लारवा पाए जाने पर मकान या प्रतिष्ठान मालिक को ज्यादा से ज्यादा चेतावनी नोटिस जारी किए जाएं। एक सप्ताह बाद यदि दोबारा उसी घर या प्रतिष्ठान में लारवा पाया जाता है तो उन लोगों पर 200 रुपये से लेकर 2 हजार तक का जुर्माना लगाया जाए। डॉ. खतरेजा ने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में पंचायती राज विभाग,शहरी स्थानीय निकाय विभाग, नगर निगम, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और जनप्रतिनिधियों के साथ डेंगू रोगी माह के दौरान आपसी तालमेल बनाकर कार्य करेंगे।
पानी के ठहराव वाली जगहों को चिह्नित करते हुए उनकी सूची बनाकर नगर निगम और पंचायती राज विभाग के साथ सांझा करेंगे ताकि समय रहते पानी की निकासी करवाई जा सके। उन्होंने बताया कि डेंगू रोधी माह के उपलक्ष्य में प्रत्येक विद्यालय में जाकर विद्यार्थियों को मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम और बचाव को लेकर लेक्चर देने के कार्यक्रम भी किए जाएंगे। उन्होंने आमजन से अपील की है कि यदि अपने घर या आस पड़ोस में पानी खड़ा है तो उसमें मिट्टी का तेल या काला तेल डाल दें। बैठक में हेल्थ इंस्पेक्टर रमेश कुंडू, सुखबीर सिंह, जितेंद्र मलिक, रामदर्शन जांगड़ा, नफे सिंह सोनी, विनय सेतिया, अंग्रेज सिंह, शुभराम, सत्यवीर शर्मा, गुप्त सिंह, सुरेंद्र जांगड़ा, सुरेश कुमार, उमेश कुमार, सतबीर सिंह, एमपीएचडब्ल्यू नूर मोहमद और प्रदीप कुमार आदि मौजूद रहे।