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Hisar News: एक वर्ष पहले तैयार हुए आईसीयू पर अब भी लगा है ताला

Sun, 04 Feb 2024 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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हांसी नागरिक अस्पताल में बना हुआ आईसीयू केंद्र व उस पर लगा हुआ ताला
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हांसी। नागरिक अस्पताल में आईसीयू को बने एक वर्ष से भी अधिक हो गया है, लेकिन आईसीयू शुरू नहीं हो पाया है। आईसीयू के लिए स्टाफ नहीं मिला है। अस्पताल में मौजूदा स्टाफ से आईसीयू चलाना मुश्किल है।
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नागरिक अस्पताल में पहले से ही चिकित्सकों की कमी है। चिकित्सकों की कमी से मरीज कई सुविधाओं से वंचित हैं। इसमें एक आईसीयू भी है। तैयार होने के एक वर्ष बाद भी आईसीयू शुरू नहीं हो पा रहा है। आईसीयू चलाने के लिए कम से कम पांच चिकित्सकों की जरूरत है। इसके साथ-साथ नर्सिंग व अन्य स्टाफ की आवश्यकता भी है।
चिकित्सक व स्टाफ मिलने के बाद ही इस आईसीयू को सुचारू रूप से चलाया जा सकता है। इसमें 24 घंटे चिकित्सक व स्टाफ तैनात रहेंगे। क्योंकि आईसीयू में किसी भी समय में मरीजों को दाखिला करना पड़ता है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन कई बार मुख्यालय से मांग कर चुका है। बकायदा इसके लिए पत्र भी लिखे गए हैं, लेकिन उसके बावजूद भी मुख्यालय से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। न ही चिकित्सक मिले।
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12 बेड का है आईसीयू
नागरिक अस्पताल में दूसरी मंजिल पर दिसंबर 2022 में आईसीयू बनाया गया था। इसके निर्माण के लिए मुख्यालय से 30 लाख रुपये की राशि मंजूर हुई थी। अस्पताल प्रशासन द्वारा करीब 14 लाख रुपये की राशि से इसे तैयार करवाया गया है। यहां पर 12 बेड का आईसीयू बनाया गया था। लोक निर्माण विभाग द्वारा इसे तैयार किया गया था।

चुनिंदा अस्पतालों में है आईसीयू
शहर में कुछ चुनिंदा निजी अस्पतालों में ही आईसीयू है। वहीं कुछ अस्पतालों में आईसीयू के तरह एक कक्ष को तैयार कर लोगों से आईसीयू की तर्ज पर पैसे वसूले जाते हैं। जबकि वहां पर आईसीयू जैसी सुविधाएं नहीं होती। निजी अस्पतालों में आईसीयू का खर्च बहुत ज्यादा है। आम आदमी इतना खर्च वहन नहीं कर सकता। ऐसे में अगर नागरिक अस्पताल में आईसीयू शुरू होता है तो मरीजों के लिए काफी लाभदायक होगा।

अस्पताल में नहीं है खांसी की दवा
नागरिक अस्पताल में करीब दो महीने से खांसी की दवा भी नहीं है। खांसी की दवा न होने से मरीजों को भी परेशानी हो रही है। अस्पताल में मरीजों को खांसी की दवा बाहर से लेनी पड़ती है जबकि सर्दी के दिनों में खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है।
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