हुडा के मुख्य प्रशासक को शिकायतें सुनाने गए रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों को मायूसी के साथ लौटना पड़ा। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने कहा कि हुडा मुख्य प्रशासक जान बूझकर आरडब्ल्यूए से नहीं मिले। स्थानीय अधिकारियों की भी लापरवाही रही।
हुडा मुख्य प्रशासक विकास गुप्ता शुक्रवार को हिसार में हुडा अधिकारियों की बैठक लेने पहुंचे। करीब चार घंटे तक चली मीटिंग के बाद मुख्य प्रशासनिक अधिकारी विकास गुप्ता हिसार, हांसी और भिवानी की एसोसिएशन से मिले। सुबह करीब 11 बजे सेक्टरों की आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी मिलने पहुंचे तो संपदा अधिकारी सुमित कुमार ने कहा कि दो बजे विकास गुप्ता से मिलवा देंगे। करीब सवा दो बजे सुमित कुमार के फोन के बाद आरडब्ल्यूए पदाधिकारी पहुंचे तो तब तक हुडा के चीफ एडमिस्ट्रेटर गाड़ी में सवार होकर निकल रहे थे। अधिकतर आरडब्ल्यूए पदाधिकारी अपनी समस्या नहीं कह सके। जो आरडब्ल्यूए पदाधिकारी वहीं पर जमे रहे वो अपनी समस्याएं मुख्य प्रशासक के समक्ष रख सके।
राजनीति के कारण नहीं हो पा रहा विकास
ऑल सेक्टर रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान यशवीर मलिक ने कहा कि जब से सेक्टर निगम में गए हैं। तब से सेक्टरों की हालात बिगड़ गई है। नगर निगम के पास पैसा ही नहीं है तो विकास कहां से होगा। नगर निगम में राजनीति हावी है। इसलिए विकास की कोई उम्मीद नगर निगम से नहीं है। सेक्टर हुडा और निगम के बीच फंसे हुए हैं। मेंटेनेंस का काम निगम को दे दिया गया है। इसलिए सेक्टरों की परेशानी और भी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि ईओ सुमित कुमार ने उन्हें सीए हुडा विकास गुप्ता से मिलवाने को कहा था। उन्हें दोपहर बाद का समय दिया गया। जब आरडब्ल्यूए पदाधिकारी पहुंचे तो विकास गुप्ता गाड़ी में बैठकर चले गए।
सेक्टर 13 में दस साल से नहीं बनी सड़कें
हिसार के सेक्टर 13 के प्रधान सुभाष सैनी ने बताया कि उनके सेक्टर में पिछले 10 वर्षों से सड़कें नहीं बनी हैं। पूरे सेक्टर में गड्ढे हो गए हैं। दो बार एस्टीमेट आया था, लेकिन अधिकारियों की नाकामी के कारण रिजेक्ट हो गया। अब 98 लाख रुपये का बजट पास किया गया है, जो अभी तक सिरे नहीं चढ़ा है।
सेक्टर 14 में ठेकेदार नहीं निभा रहा जिम्मेदारी
सेक्टर 14 के प्रधान इंजीनियर रविंद्र ढांडा ने बताया कि सेक्टर की सड़क दो वर्ष पहले ही बनाई गई थी। सभी सड़कें उखड़ गई हैं, जिनकी रिपेयरिंग नहीं की जा रही। तीन वर्षों तक सड़क बनाने वाले ठेकेदार की जिम्मेदारी होती है। ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा। सेक्टर में पानी की समस्या कई बार शिकायत करने के बाद भी हल नहीं हो सकी है। पार्कों में दो-दो फीट घास हो गई है। विवेकानंद पार्क की घास भी सेक्टरवासियों को चंदा एकत्र कर स्वयं ही कटवानी पड़ी है।
नहीं बनी वित्तमंत्री की कोठी के सामने वाली सड़क
पीएलए में प्रदेश के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी के सामने वाली सड़क भी टूटी पड़ी है। पीएलए के प्रधान बीएस बूरा ने बताया कि बरसाती नाला बनाने के कारण पीएलए की सारी सड़कें तोड़ दी गईं। अब जनस्वास्थ्य विभाग यह कहते हुए सड़क बनाने से इंकार कर रहा है कि ये सड़क हमारे अंडर नहीं है। पीडब्ल्यूडी एंड बीआर केवल कैमरी रोड बनाने की बात कह रहा है। टाउन पार्क के साथ वाली सड़क का हाल सबसे खराब है।
मेयर भी जानती है गड्ढे के बारे में
सेक्टर 9-11 के प्रधान बीर सिंह बामल ने बताया कि सेक्टर की लगभग सभी सड़कें बदहाल हैं। सेक्टर के मोड़ पर बने बड़े गड्ढे के बारे में तो मेयर भी जानती हैं। वहां कई दुर्घटना भी हो चुकी है। सेक्टर के खाली प्लॉटों में झाड़ियां उग गई हैं, जिसके कारण जंगली जीवों ने यहां अपना डेरा जमा लिया है। पार्कों का हाल ये है कि लोग पालतू पशु चराते हैं। सुविधाओं के लिए निगम 15 फीसदी सर्विस टैक्स लेता है।
ये समस्याएं गिनाईं
- सेक्टरों की सड़कें टूटी हुई हैं।
- सेक्टरों में पार्कों की चारदीवारी पूरी तरह से टूट चुकी है।
- पार्कों के घास बड़ी होने से बदहाल हो गए।
- सेक्टरों में बंदरों के कारण खौफ।
- सड़कों के किनारे और खाली प्लॉटों में कांग्रेस घास उग गई है।
- सेक्टर वासियों को पीने के पानी के भी लाले पड़ रहे हैं।
- सीवरेज और मेंटेनेंस की समस्या।
- सेक्टरों की स्ट्रीट लाइट आधी से ज्यादा खराब।