हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी निवासियों की एक बैठक हाउसिंग बोर्ड पार्क में हुई। बैठक में काॅलोनी निवासियों ने एन्हांसमेंट लैंड कंपनसेशन नोटिस मिलने पर हाउसिंग बोर्ड के खिलाफ रोष जताया। इस दौरान स्थानीय निवासियों ने मांग की कि बोर्ड उनसे एन्हांसमेंट की मूल राशि ले।
इस दौरान कृष्ण गर्ग ने बताया कि स्टेट मैनेजर हाउसिंग बोर्ड हिसार की ओर से आदमपुर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के मकान मालिकों को गत दिवस यह नोटिस दिया गया है। इसमें सभी मकान मालिकों को एन्हांसमेंट के 8,86,450 रुपये 30 दिन के अंदर-अंदर भरने के लिए कहा गया है। इसमें 1,99,106 रुपये ईएलसी के, 6,63,451 रुपये ब्याज के व 23,893 रुपये जीएसटी के हैं। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 15 जून को मुख्यमंत्री निवास चंडीगढ़ में इस विषय पर हाउसिंग बोर्ड समिति आदमपुर के सदस्यों के साथ बैठक हुई थी। जिसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वन टाइम सेटलमेंट करके बैंक ऋण सुविधा उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन उसके बाद आगामी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बारे में कई बार संबंधित विभाग में कार्रवाई को लेकर गए परंतु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
मीटिंग के दौरान लोगों ने कहा कि वे सरकार से प्रार्थना करते हैं कि जो मूल राशि लगभग दो लाख रुपये एन्हांसमेंट के हैं वे सभी भरने के लिए तैयार हैं। परंतु इस पर ब्याज व जीएसटी लगाकर विभाग उनसे करीब 9 लाख रुपये भरवा रहा है, जो इस कॉलोनी में रहने वाले निम्न स्तर के लोगों के लिए उचित नहीं है। एन्हांसमेंट के 9 लाख रुपये गरीब, मजदूर आदमी वहन नहीं कर सकता। इस दौरान स्थानीय निवासियों ने हाथ में नोटिस लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया। बैठक के अंत में आदमपुर मंडल के भाजपा महामंत्री कृष्ण गर्ग ढांड ने काॅलोनीवासियों को भरोसा दिलाया कि इस बारे में दोबारा मुख्यमंत्री से मिलकर समस्या का हल कराया जाएगा। इस मौके पर राजकुमार खिचड़, राकेश गोयल, मेनपाल शर्मा, हीरालाल, जयप्रकाश, सुमन गोयल, कृष्णा सिंगला, मदन गर्ग, रामदयाल, प्रहलाद, पवन, रज्जाक, बाबूलाल सहित अनेक अन्य उपस्थित रहे।
- लगभग 1979 में आबंटित किए गए थे 100 मकान
जानकारी के अनुसार मंडी आदमपुर में हाउसिंग बोर्ड हरियाणा की ओर से 3 एकड़ जमीन में लोवर इनकम ग्रुप स्कीम के तहत हाउसिंग बोर्ड कालोनी बनाई गई थी। उस दौरान जिन व्यक्तियों की मासिक आय 600 रुपये थी उनको 18 हजार रुपये प्रति मकान की दर से मकान अलॉट किए गए थे। जिनकी 247 रुपये प्रतिमाह किस्त बनाई गई थी, लेकिन कुछ समय बाद जमीन मालिक द्वारा अदालत में विभाग के खिलाफ केस डाल दिया गया कि जमीन की उसे कम कीमत दी गई है। जिस पर सुनवाई करते हुए माननीय अदालत ने हाउसिंग बोर्ड पर जमीन मालिक को हर्जाना देने के आदेश दिए। उसके बाद हाउसिंग बोर्ड ने जमीन मालिक को दिए गए हर्जाने को सिर्फ 100 मकानों पर डाल दिया और उनको मकान के 15 से 20 लाख रुपये जुर्माना सहित भरने का नोटिस दिया गया। 2010 में हाउसिंग बोर्ड ने आदमपुर हाउसिंग बोर्ड की खाली पड़ी जमीन पर कॉमर्शियल दुकानें काट कर करीब 9 करोड़ की राशि एकत्रित कर ली। यह राशि जमीन मालिक को दिए गए हर्जाने से कई गुणा अधिक थी। इस पर लोगों का कहना है कि आदमपुर हाउसिंग बोर्ड पहले से ही करोड़ों रुपये के लाभ में है इसलिए उनसे मूल राशि ही ली जाए।