बृहस्पतिवार की दोपहर बाद आई बारिश और तूफान के कारण एक मकान गिरने से कस्बे के वार्ड दो में एक विधवा महिला की मौके पर ही मौत हो गई।महिला का पांच वर्षीय पौत्र गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे हिसार रेफर कर दिया। मकान गिरने की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बिजेन्द्र सिंह व तहसीलदार राजबीर सिंह मौके पर पहुंचे।
बृहस्पतिवार दोपहर के बाद अचानक मौसम में बदलाव हुआ। तेज बारिश के साथ तूफान भी आ गया। उसी दौरान कस्बे के वार्ड 2 निवासी करीब 52 वर्षीय विधवा संतोष अपने पौत्र पांच वर्षीय हर्ष के साथ अपने मकान में बैठी हुई थी। तेज तूफान के कारण उसके मकान की छत उनके ऊपर आ गिरी। मकान गिरने की आवाज को सुनकर आस-पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे।
महिला को तलाशने का प्रयास किया तो पड़ोस की एक महिला ने बताया कि संतोष व उसका पौत्र हर्ष मकान में ही दब गए हैं, जिसके बाद ग्रामीणों ने मकान के मलबे को उठाना शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबी हुई महिला और उसके पौत्र को निकाला। महिला की मौत हो चुकी थी।
उसका पौत्र हर्ष गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए हिसार रेफर किया गया है। वहीं मामले की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह व तहसीलदार राजबीर सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मृतका के शव को अपने कब्जे में लिया।
मृतक महिला के पुत्र राजू ने बताया कि वे मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वे अपने दो पुत्र, एक पुत्री और अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। गर्मी की छुट्टी होने के कारण उसकी पत्नी रीना पुत्र रमन और पुत्री मनू को अपने साथ लेकर अपने मायके बडे़सरा गई हुई है।
पेड़ गिरने से हांसी-चंडीगढ़ मार्ग पर लगा जाम
नारनौंद क्षेत्र में तूफान व बारिश के कारण हांसी-चंडीगढ़ मार्ग पर दर्जनों पेड़ गिर गए, जिसके कारण गांव राजपुरा के पास जाम लग गया। इससे राहगीरों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शाम के समय जेसीबी की सहायता से मार्ग पर गिरे भारी पेड़ों को हटाया गया।
बृहस्पतिवार की दोपहर बाद तेज बारिश के साथ तूफान भी आया, जिसके कारण बड़ी संख्या में पेड़ गिर गए। सबसे ज्यादा हांसी चंडीगढ़ मार्ग पर भारी सफेदे के पेड़ गिरे, जिससे गांव राजपुरा के पास भारी जाम लग गया और सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
देर शाम जेसीबी की सहायता से भारी पेड़ों को हटाया गया। उसके बाद भी राहगीरों ने राहत की सांस ली। राहगीर, राजेश, सत्यवान, शमशेर कुकन, सतबीर, अंकित, विकास, सुनीता, विजय, अंजली, अनुप, मोहिनी आदि ने बताया कि वे बस में सफर कर रहे थे और अचानक बारिश के साथ तूफान भी आ गया। तूफान के कारण उनके सामने ही सड़क पर पेड़ गिर रहे थे।
एक बार तो बस में बैठी सभी सवारियां सहम गईं, क्योंकि बस के बिल्कुल आगे सफेदे का भारी पेड़ गिर गए, जिसके कारण बस बाल-बाल बच गई। उसके बाद तेज बारिश आ गई। बारिश रुकने के बाद बस में बैठी सवारियों ने अपने स्तर पर काफी पेड़ों को सड़क से हटाया, लेकिन कुछ भारी पेड़ नहीं हट पाए, जिसके कारण जाम लग गया।