हिसार। स्टार्टअप के बूते युवा अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। गांव गोरछी निवासी विशाल ने प्राइवेट जॉब छोड़कर शहद का बिजनेस शुरू किया और आज उनकी कंपनी 30 वैरायटी का शहद तैयार कर रही है। इस शहद की मांग देश में ही नहीं दुबई भी निर्यात किया जा रहा है।
विशाल बताते हैं कि उन्होंने मुरथल यूनिवर्सिटी से आर्किटेक्ट की डिग्री की है। इसके बाद कुछ समय भोपाल व खड़गपुर में प्राइवेट जॉब की। वहां भी मन नहीं लगा। आखिरकार खुद का बिजनेस करने का फैसला किया। मेरे पिता वर्ष 2009 से शहद का बिजनेस कर रहे थे। ऐसे में मैंने इसी में कुछ नया करने की सोची। विशाल ने बताया कि शहद के लिए हनी कॉम्ब का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही अलग-अलग वैरायटी का शहद तैयार करने का फैसला किया। इस आइडिया को हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के एबिक सेंटर लेकर गया। आइडिया चयनित हुआ तो 22 लाख रुपये की ग्रांट मिली। इसकी मदद से बिजनेस को बढ़ाने का अवसर मिला। आज विशाल की कंपनी का टर्नओवर करीब डेढ़ करोड़ रुपये सालाना है।
तुलसी, लीची, अजवायन, अकेशिया, दालचीनी के फूलों का शहद
विशाल ने बताया कि उनकी कंपनी जगदेव ऑग्रेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड 30 अलग-अलग फूलों का शहद तैयार कर रही है। इनमें तुलसी, लीची, अजवायन, अकेशिया, दालचीनी, इलायची आदि शामिल हैं। शहद इकट्ठा करने के लिए अलग-अलग राज्यों में जाते हैं। जैसे सरसों के लिए हरियाणा और लीची के लिए बिहार।
गांव में लगा रखा है प्लांट
विशाल ने अपने गांव गोरछी में प्लांट स्थापित किया है। इसमें तैयार शहद देश के कई राज्यों के अलावा दुबई में भी जाता है। विशाल की कंपनी में 10 कर्मचारी काम करते हैं और अभी एक और प्लांट लगाने की तैयारी चल रही है।