हिसार रेपकांड की एक पीड़िता के चाचा ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से क्षुब्ध होकर सोमवार को अपने गांव में जहरीला पदार्थ खा लिया।
गंभीर हालत में उन्हें यहां एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां वह आईसीयू में हैं। वहीं अपने पिता की हालत बिगड़ी देख बेटा भी बेहोश हो गया।
उसे भी यहां भर्ती कराया गया है। जहर निगलने वाले व्यक्ति की पत्नी ने बताया कि वह रविवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन करने गए थे।
वहां सरकार की तरफ से कोई सुनवाई नहीं होने से बेहद आहत हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार दोपहर करीब एक बजे वह परिवार के साथ गांव में लौटे और बाइक लेकर घर से बिना कुछ बताए कहीं चले गए। कुछ देर बाद स्प्रे की एक बोतल हाथ में लेकर वापस लौटे।
दिल्ली से लौटकर उन्होंने अपनी पत्नी और पुत्र को बुलाकर कहा कि गांव में मिल रहे तानों ने जीना हराम कर दिया है इसलिए वह अब इस जिल्लत भरी जिंदगी से छुटकारा पाना चाहते हैं इसीलिए स्प्रे का सेवन कर लिया है। अस्पताल में उनका उपचार कर रहे डॉ. एसएस मलिक का कहना है कि स्प्रे का सेवन करने वाले की हालत अभी गंभीर बनी हुई है।
कम से कम 48 घंटे उन्हें विशेष निगरानी में रखा जाएगा। वहीं उसके पुत्र की हालत ठीक बताई जा रही है। उनकी पत्नी ने बताया कि रेपकांड के आरोपी और उनके समर्थक समझौते का दबाव बना रहे हैं। समझौता नहीं करने पर ये लोग ताने देते हैं।
23 मार्च को पांच लड़कों ने गांव की चार दलित लड़कियों का अपहरण किया था, जिसमें से तीन लड़के गांव के और दो लड़के गांव से बाहर के थे।
परिजनों के अनुसार उनकी लड़कियों का अपहरण कर एक के साथ दुराचार किया गया था, जबकि बाकी के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगे थे।
बाद में चारों लड़कियों को पंजाब के बठिंडा रेलवे स्टेशन से बरामद किया गया था। पुलिस ने इस संबंध में दुराचार का मामला दर्ज किया था और दुराचार के आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
अब पीड़ितों के परिजन रेपकांड के आरोपियों का साथ देने वालों की गिरफ्तारी की मांग पर आंदोलन कर रहे हैं और पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर डेरा डाले हुए हैं।