महावीर स्टेडियम में तीन दिनों से चल रही स्टेट लेवल स्कूली हैंडबाल और वेट लिफ्टिंग चैंपियनशिप वीरवार को संपन्न हो गई। हैंडबाल के अंडर-15 लड़कों व लड़कियों और अंडर-19 लड़कों में हिसार की टीम विजेता बनी।
इसके साथ ही ओवरऑल चैंपियनशिप में हिसार के नाम रही। अंडर-19 लड़कियों के वर्ग में जींद की टीम विजेता व हिसार उपविजेता रहा। इस दौरान वेट लिफ्टिंग अंडर-19 लड़कों के फाइनल मुकाबले भी आयोजित किए गए।
ये रहा परिणाम
अंडर-19 लड़कों के 56 किलो भारवर्ग में अंबाला का गुरदर्शन ने पहला, भिवानी के ललित ने दूसरा और रोहतक के नवीन ने तीसरा, 62 किलो में भिवानी के नीरज ने पहला, अंबाला के सचिन ने दूसरा और सोनीपत के दिनेश ने तीसरा, 69 किलो में कैथल के विक्रम ने पहला, सोनीपत के बलराम ने दूसरा और गुड़गांव के विकास ने तीसरा, 77 किलो में भिवानी के अरविंद ने पहला, रोहतक के प्रीतम ने दूसरा व यमुनानगर के अंशुल ने तीसरा स्थान पाया।
85 किलो में सोनीपत ने निशांत ने पहला व रोहित ने दूसरा और भिवानी के सतनाम ने तीसरा, 94 किलो में सोनीपत के आर्यन ने पहला व अरविंद ने दूसरा और भिवानी के गौरव ने तीसरा, 105 किलो में सोनीपत के नवनीत ने पहला, यमुनानगर के निखिल ने दूसरा व भिवानी के हिमांशु ने तीसरा और 105 किलो से ज्यादा के भारवर्ग में यमुनानगर के युवराज ने पहला, अंबाला के नमिश ने दूसरा व करनाल के चेतन ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
टीमों में विवाद, झज्जर विजेता
क्वार्टर फाइनल (लड़कों) का एक मैच झज्जर और कैथल जिले के बीच खेला गया। यह मैच झज्जर ने जीत लिया। मगर मैच के बाद कैथल ने झज्जर के एक खिलाड़ी पर ऑब्जेक्शन उठा दिया। उनका आरोप था कि यह खिलाड़ी बारहवीं पास कर चुका है।
हालांकि उक्त खिलाड़ी की तरफ से जमा कराए गए सर्टिफिकेट सही थे। इसके चलते आयोजकों ने मैच परिणाम पर रोक लगा दी और उक्त खिलाड़ी से अपने ओरिजनल जन्म प्रमाण मंगवाने को कहा। इस पर खिलाड़ी ने अपने ओरिजनल प्रमाण पत्र मंगवाए।
इस प्रमाण पत्रों को देखने के बाद आयोजकों ने आरोपों को बेबुनियाद बताया और उस मैच में झज्जर को विजेता घोषित कर दिया गया। इस अवसर पर एईओ सत्यवीर जाखड़, डीएसओ सतबीर सिवाच, अजय श्योराण, संजीव आर्य, पंकज कुमार, कुलदीप नैन, नितिन सहित अन्य पीटीआई व डीपीई मौजूद थे।