दूध में यूरिया या अन्य केमिकल मिलावट की जांच अब प्रदेश के आठ जिलों में हो सकेगी। वह भी चालीस रुपये में चार प्रकार के मिलावट की जांच। लुवास प्रदेश के आठ जिलों के कृषि विज्ञान केंद्रों के पशु जन स्वास्थ्य विभाग की प्रयोगशालाओं को यूरिया एंड अदर केमिकल टेस्टिंग किट भेजेगा। एक जून से अंबाला, भिवानी, जींद, रोहतक, सिरसा, करनाल और महेंद्रगढ़ के कृषि विज्ञान केंद्रों में मिलावटी दूध की जांच शुरू हो जाएगी।
इससे पहले एचएयू में यूरिया टेस्टिंग किट 100 रुपये में मिलती थी, जिससे 30 बार जांच की जा सकती थी। एचएयू लुवास के अलग होने के बाद पिछले साल इसकी बिक्री बंद कर दी गई थी। अब केवल करनाल में ही यह किट उपलब्ध है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गुलशन नारंग ने बताया कि भविष्य में इस किट को सभी जिलों के कृषि केंद्रों पर उपलब्ध करवाने पर विचार चल रहा है।
चार तरह की होगी जांच
लुवास के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गुलशन नारंग ने बताया कि यूरिया एंड अदर केमिकल टेस्टिंग किट से चार तरह की जांच हो सकेगी। इसमें यूरिया, डिटर्जेंट सोडा, मीठा सोडा, आरारोट व सिंघाडे के आटा के मिलावट की जांच करवाई जा सकेगी। जांच में पता लगाया जा सकेगा कि दूध में मिलावट है या नहीं।
जानिऐ दूध में इन मिलावटों से क्या होता है नुकसान
- दूध में यूरिया मिलाने पर किडनी लीवर पर सीधा अटैक होता है। इससे पाचन तंत्र, आंख और दिल पर सीधा असर पड़ता है।
- मीठा सोडा में सोडियम बाइकार्बोनेट होता है। दूध में मिलाने पर किडनी पर दुष्प्रभाव पड़ता है। पेट खराब हो जाता है। दस्त लगते हैं। दिल, ब्लड प्रेशर आदि पर भी प्रभाव पड़ता है।
- दूध में डिटर्जेंट सोडा मिलाने पर ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, किडनी को ज्यादा नुकसान का खतरा होता है।
10 रुपये में होगी प्रत्येक जांच
आठ जिलों के कृषि विज्ञान केंद्रों में होने वाली दूध की प्रत्येक जांच के लिए केवल दस रुपये खर्च करने होंगे। सभी चार जांचों के लिए कुल 40 रुपये लगेंगे। इसके लिए केंद्रों पर दूध के सैंपल लेकर आना होगा।
एक जून तक दूध की जांच करने की यह किट सभी कृषि केंद्रों पर उपलब्ध करवा देंगे। जिससे दूध में चार तरह की मिलावट की जांच के लिए लुवास में नहीं आना पड़ेगा।
- डॉ. एनके महाजन, विभागाध्यक्ष, पशु चिकित्सा जनस्वास्थ्य एवं महामारी विभाग, लुवास