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छह साल बाद अब टैक्स ब्रांच की भी होगी ऑडिट

Mon, 25 Apr 2016 11:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
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टैक्स - फोटो : Demo
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नगर निगम में सालों से प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच का ऑडिट न होने के मामले में कमिश्नर एवं चंद्रशेखर खरे ने संज्ञान ले लिया है। डीसी ने नगर निगम की संबंधित ब्रांच को प्रॉपर्टी टैक्स का ऑडिट करवाने के आदेेश दिए हैं। डीसी ने कहा कि इतने सालों से ऑडिट क्यों नहीं करवाया गया। तुरंत प्रभाव से ऑडिट की प्रक्रिया शुरू की जाए। इस आदेश के बाद अब ट्रैक्स ब्रांच के अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
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2005 का भी दिया हवाला
डीसी एवं निगम कमिश्नर ने लिखा है कि वर्ष 2005 में यहां बड़ा घपला हुुआ था। इस घपले में निगम के ही एक कर्मचारी ने नकली रसीद बनाकर लोगों से टैक्स की राशि ले ली और यह राशि निगम के खाते में ही जमा नहीं करवाई। जब मामला सामने आया था लाखों रुपये का गोलमाल सामने आया था। इसके बाद कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया गया था।

इस मामले के बाद नहीं हो पाया ऑडिट
निगम अधिकारियों की मानें तो इस मामले के बाद अभी तक ऑडिट नहीं हो पाई है। लोगों का प्रॉपर्टी टैक्स का पैसा उनके यूनिक आईडी पर जमा हुआ है या नहीं इसका फिलहाल निगम के पास कोई ठोस रिकॉर्ड नहीं है। अभी तक पोस्टिंग का काम भी पूरा नहीं हो पाया है।
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संबंधित ब्रांच ने कहा था कोर्ट में पड़ा है रिकॉर्ड
टैक्स ब्रांच के अधिकारियों से जब इस बारे में बात की गई थी तो उन्होंने कहा था कि ब्रांच में रिकॉर्ड नहीं है। यह रिकॉर्ड गोलमाल वाले मामले के बाद कोर्ट में है, जिसके कारण ऑडिट करवाने में दिक्कत आ रही थी।

ऑडिट ब्रांच का था आरोप नहीं दे रहे रिकॉर्ड
उधर ऑडिट ब्रांच के अधिकारियों का आरोप था कि संबंधित ब्रांच रिकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं करवा रही। वे बार बार उन्हें लिखकर दे चुके हैं मामले की शिकायत कमिश्नर एवं डीसी को भी की जा चुकी है। मगर इसके बावजूद कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हुआ था।

अमर उजाला ने उठाई समस्या
शहरवासियों का प्रॉपर्टी टैक्स उनके प्रॉपर्टी के यूनिक आईडी के हिसाब से जमा हो रहा है या नहीं इस मामले की अभी तक कोई ऑडिट रिपोर्ट नहीं थी। अभी तक सालों से कोई पोस्टिंग का काम भी नहीं हो पाया था। हाल में एक कंपनी ने केवल 44 हजार के आसपास बिल ऑडिट किए थे मगर उसके बाद उसने भी यह पोस्टिंग का काम करने से हाथ खड़े कर दिए थे। उमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद डीसी ने मामले पर संज्ञान लिया है। 21 अप्रैल को डीसी ने ऑर्डर जारी कर दिए तो नगर निगम कार्यालय में 25 अप्रैल को पहुंचे हैं।
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डीसी साहब के ऑर्डर आए हैं। टैक्स ब्रांच का ऑडिट करवाया जाएगा। पोस्टिंग का काम भी पूरा करवाकर ही कंपनी को पेमेंट दी जाएगी।
- अरविंद बिश्नोई, ईओ नगर निगम
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