शराब के खुर्दों को बंद करवाने को लेकर शुक्रवार को धांसू गांव की महिलाएं लघु सचिवालय में डीएसपी से मिलीं। उन्होंने रोष जताते हुए ठेके को गांव से एक किलोमीटर बाहर करने की भी मांग की। डीएसपी ने महिलाओं को जल्द ही खुर्दों पर रोक लगाने का आश्वासन दिया है।
गांव धांसू की महिलाओं ने बताया कि गांव में लंबे समय से खुर्दे चल रहे हैं। गली-गली में खुर्दे खुल गए हैं, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। युवा नशे की और जा रहे हैं। ये खुर्दे उधार में भी शराब दे देते हैं, जिससे न केवल घर उजड़ रहे हैं, बल्कि लड़के नशेड़ी बन रहे हैं। इस दौरान गांव से सावित्री, केलापति, धापा, शकुंतला, राजबाला, धोली, दुलारी देवी, कमला आदि महिलाएं डीएसपी से मिलने पहुंची।
कई बार दे चुुके शिकायत
महिलाओं ने बताया कि वे कई बार डीसी, एडीसी, आबकारी विभाग को शिकायत दे चुुकी हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें बंद नहीं करवा रहा है। सीएम विंडो में भी शिकायत डाली गई थी, लेकिन उस पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। अगर अब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो हम धरने पर बैठ जाएंगी।
5 से 20 रूपये में मिलते हैं पैग
गांव के सरपंच मनोहर लाल ने फोन पर बताया कि इन खुर्दों पर खुली शराब मिलती है। अगर कोई ठेके से बोतल नहीं खरीद सकता तो खुर्द पर 5, 10, 20 रुपये में पैग भी दे देते हैं। यही नहीं अगर पैसे नहीं हैं तो ये लोग उधार में भी शराब दे देते हैं। इसका सबसे बुरा असर युवाओं पर पड़ रहा है। इनको हटाने के लिए डीसी तक से गुहार कर चुके हैं।
ठेकेदार शराब की पेटी अवैध खुर्दों पर डाल रहा है। हम इस पर कार्रवाई करने और खुर्दों को बंद करवाने के लिए आबकारी विभाग के अधिकारियों से भी मिल चुके हैं। अधिकारी गांव में आए भी थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- मनोहर लाल, सरपंच, गांव धांसू