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आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उठाया छात्रा का शव, दुल्हन ने किया शादी से इंकार

Sun, 20 Mar 2016 01:11 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला , हिसार
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छात्रा आत्महत्या - फोटो : bureau
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प्यार में धोखा खाने से आहत होकर जान देने वाली एफसी कॉलेज की छात्रा के आरोपी प्रेमी जेई अजय से महेंद्रगढ़ की लड़की ने शादी करने से इंकार कर दिया। लड़का पक्ष के लोगों ने देर रात तक लड़की पक्ष को मनाने की खूब कोशिश की, मगर परिजनों ने साफ इंकार कर दिया। उधर सुबह परिजनों ने जब तक मुख्य आरोपी गिरफ्तार न हो तब तक शव उठाने से इंकार कर दिया।
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मौके पर पहुंचे डीएसपी जयपाल ने परिजनों को समझाने की खूब कोशिश की मगर वे नहीं माने। बाद में एसडीएम अशोक बंसल मौके पर पहुंचे। उधर जनवादी महिला समिति ने छात्रा के परिवार को दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने ने की मांग की। परिजन मांगपत्र देने के बाद भी अड़े रहे। उधर बीती रात को ही अजय हिसार से भाग निकला। पंजाब से देर शाम को पुलिस उसे गिरफ्तार कर हिसार लेकर पहुंची। शाम 3 बजकर 51 मिनट पर डीएसपी ने थाने के लैंडलाइन नंबर पर कॉल कर हैंड फ्री कर परिवार को मुंशी से बात करते सुनवाया। मुंशी ने अजय की गिरफ्तारी की पुष्टि की, जिसके बाद छात्रा के परिजनों ने शव उठाया।

आरोप : पुलिस बोली चलो साथ, पकड़वा दो
मृतक छात्रा के पिता व भाई ने आरोप लगाया है की रात 11 बजे तक अजय सेक्टर 14 स्थित कम्यूनिटी सेंटर में था। गांव के लोग जो शादी में थे वे उन्हें पल-पल की जानकारी दे रहे थे। यही जानकारी उन्होंने पुलिस को भी थी। पिता का आरोप है कि सिटी थाना के एक पुलिस अधिकारी से जब उन्होंने ये बात कही तो उसने जवाब दिया चलो साथ, पकड़वा दो। पिता ने कहा कि अगर वे खुद ही ऐसा कर दें तो पुलिस की क्या जरूरत, फिर हम न्याय भी खुद ही कर लेते।
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सेक्टर में घूमकर वापस आई पुलिस, कहा - नहीं मिला आरोपी
पिता का आरोप है कि रात को उन्होंने जब बार बार फोन किया तो सिटी थाना से एक पुलिस की गाड़ी गिरफ्तारी का बहाना बनाकर निकली। सेक्टर की सड़कों पर घूमकर वापस मंडी चौकी के सामने आकर खड़ी हो गई। पिता का कहना है कि वह खुद बाइक लेकर गाड़ी के पीछे चल रहा था। उसने अपनी आंखों से देखा।

गाड़ी जब रुक गई तो उसने कुछ दूरी पर जाकर फोन किया तो जवाब मिला वे कम्यूनिटी सेंटर में भी घूमकर आ गए मगर उन्हें आरोपी नहीं मिला। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस बार-बार उन्हें गिरफ्तारी करने की बात कहकर गुमराह करती रही। पिता का आरोप है कि पुलिस ने अजय को शहर से भागने में भी मदद की।

रेडक्रॉस में करती थी पार्ट टाइम जॉब
छात्रा कॉलेज में पार्ट टाइम जॉब भी करती थी। प्रशासन ने भी रेडक्रॉस सचिव से इस बारे में बातचीत कर जानकारी ली है। हालांकि प्रशासन ने इस बात से इंकार किया है कि वह जॉब करती थी। परिजनों का कहना है कि वह सामाजिक कार्यों से जुड़ी हुई थी। आठ बार से ज्यादा ब्लड कैंप लगवा चुकी थी। वह पढ़ाई में भी बड़ी होशियार थी। पिता का कहना है कि पूरे परिवार में वह ही पढ़ी लिखी थी जिसके अच्छी नौकरी पाने के सपने थे। वह अक्सर कहती थी पिता मैं अच्छी नौकरी जरूर लगूंगी।
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