प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने हड़प्पाकालीन सभ्यता के गांव राखी गढ़ी का दौरा कर टीलों का निरीक्षण किया। उन्होंने खुदाई में निकले अवशेषों का अवलोकन किया। इस साइट को देखकर वो अचंभित थे कि प्रदेश में हड़प्पाकालीन संस्कृति की इतनी बड़ी साइट है। अब तक इस जगह का विकास नहीं हो पाया। ये प्रदेश के लिए शर्मनाक है। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार ने म्यूजियम बनाने के लिए 23 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं और इस गांव के विकास के लिए करोड़ों रूपयों की राशी ओर दी जाएगी। इस गांव की पहचान देश में ही नहीं विदेशों में भी होगी। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद पहली बार कोई मंत्री राखी गढ़ी गांव में हड़प्पा संस्कृति के टीलों को देखने के लिए पहुंचा।
उन्होंने सबसे पहले साइट नंबर दो का निरीक्षण किया। इस साइट पर पांच हजार वर्ष पुराने मकानों की दीवारें व मिट्टी की चूड़ियों सहित पुराने समय के बर्तन भी निकले हुए हैं। इसको देखकर स्वास्थ्य मंत्री काफी उत्साहित हुए। उसके बाद वो म्यूजियम बनने वाली जगह का निरीक्षण करने भी पहुंचे। उन्होंने पुरातत्व विभाग की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. बनानी भट्टाचार्य को आदेश दिए कि म्यूजियम का निर्माण जल्द से जल्द करवाया जाए। ताकि लोगों को हड़प्पाकालीन समय के अवशेषों को यहां पर ही देखने का मौका मिले। फिर स्वास्थ्य मंत्री डक्कन यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर वसंत सिंधे के साथ छात्रों के कैंप कार्यालय में रखे अवशेषों का अवलोकन करने के लिए खेतों में पहुंचे। उन्होंने वहां पर रखे बर्तनों व जानवरों की हड्डी व अन्य सामान की गहनता से जांच की और उनके बारे में जानकारी प्राप्त की।
सरकार करेगी विकसित
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि हड़प्पा संस्कृति की ये सबसे बड़ी साईट है और इसको देखने के लिए देश विदेशों से काफी लोग आएंगे। खुदाई में जो सामान निकल रहा है वो काफी आश्चर्य चकित है। पांच हजार वर्ष पहले के लोग भी सुनियोजित तरीके से रहते थे। प्रदेश सरकार राखी गढ़ी को डवलपमेंट कर रही है और इस गांव में अनेक सुविधाएं देकर इसको विकसित किया जाएगा। उन्होंने गांव के लोगों ने सीएचसी की मांग की है। जल्द ही सर्वे करवाकर गांव में सीएचसी का निर्माण करवाया जाएगा। इस अवसर पर भाजपा युवा नेता अजय सिंधू, राजेन्द्र लांबा, सीमा गैबीपुर, सुनील पाल वाल्मीकि, दिनेश श्योराण, पूर्व सरपंच राजबीर सिंह, सत्यवान दुहन, शमशेर सैनी, सतबीर मलिक, नरेश नैन, सरपंच संदीप उर्फ मोंटी, सरपंच राजेश इत्यादि विशेष तौर पर मौजूद थे।