हिसार के हांसी क्षेत्र के एक गांव में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में यौन शोषण मामले में पता चला है कि आरोपी संचालक सोमनाथ ने 10-15 बच्चियों को यौन प्रताड़ना का शिकार बनाया है। इनमें से दो वीरवार को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश हुईं।
काउंसिलिंग के दौरान बच्चियों ने बताया कि उनके साथ पांच साल से यौन शोषण हो रहा था। इनमें एक की आयु 11 और दूसरी की 13 साल बताई जा रही है। इससे पहले सीबीआई ने आरोपी को बुधवार रात हांसी स्थित उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी आशुतोष की अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
आगे यह मामला हिसार की फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा। सूत्रों के अनुसार, काउंसिलिंग के दौरान पता चला कि सोमनाथ 5 साल से इन बच्चियों का यौन शोषण कर रहा था। उसने पहले इन बच्चियों के अश्लील कंटेंट तैयार किए और बाद में ब्लैकमेल कर प्रताड़ित करने लगा।
उसने यौन शोषण से जुड़ी कुछ सामग्री को इंटरनेट पर भी अपलोड किया था। काउंसिलिंग दौरान पता लगा कि आरोपी ने 10 से 15 नाबालिग बच्चियों का यौन शोषण किया है। इनके अलावा, एक-दो युवतियां भी पीड़ित हो सकती हैं।
बंद कमरे में की पूछताछ
आरोपी का कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) सील है। वीरवार को गांव का कोई भी व्यक्ति उस तरफ नहीं जा रहा था। गांव के लोग इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। जांच टीम ने मंगलवार व बुधवार को आरोपी व पीड़ितों से बंद कमरे में बारीकी से पूछताछ की गई।
यह था मामला
सीबीआई ने आरोपी सोमनाथ के खिलाफ 29 मई को मामला दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि आरोपी इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से अश्लील वीडियो और तस्वीरें न केवल बनाता था, बल्कि उन्हें ब्राउज, संग्रह, अपलोड और आदान-प्रदान भी करता था।
उसने बड़ी मात्रा में बाल यौन शोषण सामग्री अपने पास स्टोर कर रखी थीं। सीबीआई ने 3 जून को आरोपी को गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ यौन शोषण, धमकी, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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