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हिसार - -आजाद नगर के अंकित ने नीट में हासिल की 289वीं रैंक

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Hisar - Ankit got 298th Rank in NEET - फोटो : Hisar
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एमबीबीएस कोर्स में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय योग्यता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) में जिले के विद्यार्थियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। शहर के आजाद नगर निवासी अंकित ने देशभर में 289वीं रैंक हासिल की है।
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इसके अलावा उकलाना के रोहित गर्ग की 735वीं, सेक्टर 13 निवासी जिया की 1350वीं व बैंक कॉलोनी निवासी गार्गी की 1412वीं रैंक आई है। बता दें कि 13 सितंबर को देशभर में यह परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 16 लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे।
अंकित ने सोशल मीडिया से बनाई दूरी
आजाद नगर निवासी अंकित ने नीट में 720 में से 690 अंक हासिल किए हैं। अंकित ने बताया कि दो साल तक उसने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी। अंकित के मुताबिक वह प्रतिदिन 8 से 9 घंटे पढ़ाई करता था। वह देर रात तक पढ़ाई करता था। 12वीं कक्षा में उसने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। अंकित ने बताया कि उसने केमिस्ट्री व बायोलॉजी के लिए एनसीईआरटी की किताबों को पढ़ा। वहीं फिजिक्स में ज्यादा से ज्यादा न्यूमेरिक का अभ्यास किया। अंकित के पिता धर्मराज वीएलडी और मां निशा गृहिणी हैं। अंकित ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों व अभिभावकों को दिया है।
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पिता के सपने को पूरा करेंगे रोहित
उकलाना निवासी रोहित गर्ग ने परीक्षा में 720 में से 678 अंक प्राप्त किए हैं। रोहित ने बताया कि पांच साल पहले उसके पिता नरेश गर्ग का बीमारी के चलते निधन हो गया। उसके पिता आढ़त का काम करते थे और उनका सपना था कि वह डॉक्टर बने। रोहित ने 12वीं की परीक्षा में 96.4 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। रोहित के मुताबिक वह प्रतिदिन 10 से 12 घंटे पढ़ाई करता था। उसने नीट की तैैयारी के लिए एनसीईआरटी की किताबों को पढ़ा। उसकी इस सफलता के पीछे उसकी मां पूनम गर्ग व शिक्षकों का बड़ा हाथ है। उसने बताया कि डॉक्टर बनकर अब पिताजी के सपने का पूरा करूंगा।
न्यूरो सर्जन बनना चाहती जिया
सेक्टर 13 निवासी जिया ने परीक्षा में 1350वीं रैंक हासिल की है। जिया ने बताया कि वह परीक्षा की तैयारी के लिए प्रतिदिन 10 से 12 घंटे पढ़ती थी। उसे सुबह जल्दी उठकर पढ़ना पसंद है। 12वीं कक्षा में उसके 95.4 प्रतिशत अंक आए थे। जिया के मुताबिक परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए बेसिक कॉन्सेप्ट का क्लियर होना जरूरी है। इसके अलावा पूरा ध्यान सिर्फ पढ़ाई पर ही केंद्रित करना होगा। जिया ने बताया कि वह एक न्यूरो सर्जन बनना चाहती है। जिया के पिता अनिल कुमार एक व्यवसायी व मां सुषमा एक शिक्षिका हैं।
गार्गी ने सिर्फ पढ़ाई के लिए किया सोशल मीडिया का इस्तेमाल
बैंक निवासी गार्गी ने परीक्षा में 720 में से 668 अंक हासिल किए हैं। गार्मी ने पहली बार ही यह एग्जाम दिया था। गार्गी ने बताया कि 12वीं कक्षा में उसके 97 प्रतिशत अंक आए थे। वह शुरू से ही डॉक्टर बनना चाहती थी। परीक्षा की तैयारी के लिए वह दिन में सात से आठ घंटे पढ़ती थी। वह सुबह पांच उठकर पढ़ती थी। उसने सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ पढ़ाई के लिए ही किया। उसके पिता आलोक मंगल एक व्यवसायी व मां सुनैना गृहिणी हैं। उसके भाई गगन ने भी उसे काफी प्रोत्साहित किया।
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