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अधिकारियों की टेबल पर शहर का विकास

Fri, 18 Mar 2016 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ हिसार।
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नगर निगम - फोटो : Bureau
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डेढ़ महीने पहले शहर के विकास कार्यों को लेकर पास किए गए हाउस के प्रस्ताव अभी तक अधिकारियों की टेबल पर ही घूम रहे हैं। मीटिंग होने के लगभग एक सप्ताह के अंदर भेजी जाने वाली प्रोसीडिंग अभी तक सरकार के पास ही नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में कब विकास कार्य की प्रोसीडिंग पर मुहर लगेगी और कब कार्य शुरू होंगे।
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नगर निगम की ढीली कार्रवाई पर पार्षदों ने एतराज जताया है। उन्होंने निगम अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया है। पार्षदों ने कहा है कि 2 फरवरी की हाउस बैठक के बाद दूसरे बजट को लेकर भी बैठक हो चुकी मगर अभी तक प्रोसीडिंग निदेशालय के पास न भेजना हैरानी की बात है।

जानिए प्रोसीडिंग प्रक्रिया
हाउस में रखे जाने वाले प्रस्ताव कि सचिव प्रोसीडिंग लिखता है। जो प्रस्ताव पास होते हैं उन पर मेयर के हस्ताक्षर करवाकर शहरी स्थानीय निकाय के पास भेजा जाता है। ऑब्जेक्शन हो तो उस प्रस्ताव को रोकते हैं, जो ठीक हों उन्हें मंजूरी देकर निगम कार्यालय भेज देते हैं। निदेशालय की अनुमति के बाद पास हुए प्रस्ताव पर काम शुरू हो जाता है। यानी सरकार की अधिकारिक रूप से उन कार्यों को हरी झंडी मिली जाती है।
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...तो अप्रैल में जाएगी प्रोसीडिंग वार्ड 13 के पार्षद उदयवीर सिंह मिंटू ने कहा है कि निगम अधिकारियों की यह एक तरह से लापरवाही है। हाउस की बैठक होने के एक सप्ताह के अंतराल में प्रोसीडिंग निकाय के पास पहुंच जानी चाहिए ताकि वहां से हरी झंडी मिलने के बाद काम शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि इस बारे में जल्द ही अधिकारियों से मिलकर बात करेंगे।

‘अधिकारियों के लिए मजाक बनी मीटिंग’
पार्षद मानसिंह चौहान ने कहा है कि हाउस की मीटिंग निगम अधिकारियों के लिए मजाक बन गई है। मेयर मैडम भी उन पर कंट्रोल नहीं कर पा रहीं। उन्होंने कहा कि निगम अधिकारियों व कर्मचारियों का केवल एक काम रह गया है कि वे सिर्फ सीपीएस की जी हजूरी करते हैं। शहर का विकास रुके या कोई प्रोजेक्ट अटके, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।

‘किसी चौक पर टेंट लगाकर बैठना पड़ेेगा’
पार्षद डॉ. महेंद्र जुनेजा ने हाउस की बैठक की अभी तक प्रोसीडिंग नहीं भेजे जाने पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सीपीएस शहर का विकास करवाना चाहते हैं, मगर अधिकारी काम नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि वे अधिकारियों के विरोध में किसी चौक पर टेंट लगाकर धरना प्रदर्शन ही करेंगे, तब जाकर उच्च अधिकारियों की आंखें खुलेंगी। डॉ. जुनेजा ने कहा कि वे इस बारे अधिकारियों से बात करेंगे। इसके बावजूद अधिकारी नहीं मानें तो वे जरूर भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
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प्रोसीडिंग तैयार की जा रही है। इस दौरान काम की व्यस्तता अधिक थी जिसके कारण देरी हो गई। जल्द ही प्रोसीडिंग निदेशालय को भेजी जाएगी।
- अरविंद बिश्नोई, ईओ नगर निगम
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