फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुष्यंत-सीआईए इंचार्ज पवन विवाद: पूर्व डिप्टी CM हाई कोर्ट से राहत; हरियाणा सरकार, केंद्र और सीबीआई को नोटिस

Thu, 07 May 2026 10:33 AM IST
Naveen माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)

सार

याचिका के अनुसार 17 अप्रैल 2026 को हिसार में उनके काफिले को एक सफेद बोलेरो वाहन ने रोक लिया था। आरोप है कि सिविल ड्रेस में मौजूद कुछ पुलिस अधिकारियों, जिनमें इंस्पेक्टर पवन कुमार का नाम प्रमुख रूप से लिया गया है।
विज्ञापन
दुष्यंत चौटाला, पूर्व उपमुख्यमंत्री हरियाणा - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार, केंद्र सरकार और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी कर पूरे मामले में विस्तृत जवाब तलब किया है। अदालत ने विशेष जांच दल (एसआईटी) की अब तक की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए जांच की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

विज्ञापन


वीरवार को हुई सुनवाई के दौरान दुष्यंत चौटाला की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद घई ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता शुरू से ही जांच में सहयोग देने के लिए तैयार हैं, लेकिन अब तक एसआईटी की ओर से उन्हें न तो कोई नोटिस जारी किया गया और न ही पूछताछ के लिए बुलाया गया। उन्होंने कहा कि बिना किसी औपचारिक प्रक्रिया के मामले को लंबित रखना कानून की स्थापित प्रक्रिया के विपरीत है।

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी दलील दी गई कि जांच एजेंसियों का रवैया निष्पक्ष जांच की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अदालत को बताया गया कि जब तक दुष्यंत चौटाला को आधिकारिक रूप से जांच में शामिल होने का अवसर ही नहीं दिया गया, तब तक उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की प्रतिकूल धारणा बनाना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।
विज्ञापन


दलीलों पर गौर करने के बाद हाई कोर्ट ने मामले को गंभीर बताते हुए हरियाणा सरकार, भारत सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी किए। अदालत ने निर्देश दिया कि जांच की वर्तमान स्थिति, एसआईटी द्वारा अब तक की गई कार्रवाई, नोटिस जारी न करने के कारण और आगे की प्रस्तावित प्रक्रिया का पूरा ब्यौरा रिकॉर्ड पर पेश किया जाए।

दरअसल, दुष्यंत चौटाला ने अपने काफिले को रोककर हथियार दिखाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने मामले में एफआईआर दर्ज करने के साथ-साथ जांच को हरियाणा पुलिस से हटाकर किसी स्वतंत्र एजेंसी, जैसे सीबीआई अथवा चंडीगढ़ या पंजाब पुलिस को सौंपने की मांग की है।

याचिका के अनुसार 17 अप्रैल 2026 को हिसार में उनके काफिले को एक सफेद बोलेरो वाहन ने रोक लिया था। आरोप है कि सिविल ड्रेस में मौजूद कुछ पुलिस अधिकारियों, जिनमें इंस्पेक्टर पवन कुमार का नाम प्रमुख रूप से लिया गया है, जिसने हथियार लहराते हुए उन्हें और उनके सुरक्षाकर्मियों को धमकाया।

दुष्यंत चौटाला ने अदालत को बताया कि वह वाई-प्लस सुरक्षा श्रेणी के तहत संरक्षित हैं। इसके बावजूद इस तरह की घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि उनके निजी सुरक्षा अधिकारियों ने भी अलग-अलग शिकायतें देकर घटना की पुष्टि की है और जान से मारने की धमकी दिए जाने का उल्लेख किया है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने यह आरोप भी लगाया कि घटना के बाद निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय हरियाणा पुलिस ने उनके परिजनों और समर्थकों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर दबाव बनाने का प्रयास किया। विशेष रूप से 7 अप्रैल की एक अन्य घटना के आधार पर दर्ज एफआईआर को प्रतिशोधात्मक कार्रवाई बताया गया है।

याचिका में कहा गया है कि गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज की गई, जिसके चलते उन्हें हाई कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें