हिसार। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए आमजन हीटर, ब्लोअर और अंगीठी का अधिक इस्तेमाल निरंतर बढ़ रहा है। चिकित्सकों की माने तो इसका अधिक उपयोग बेहद खतरनाक होता है। अप्राकृतिक तरीके से उत्पन्न की गई गर्मी हृदय के साथ-साथ फेंफड़ों व त्वचा के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकती है। ऐसे में इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कम करना चाहिए।
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. ज्ञानेंद्र ने बताया कि गर्मी प्रदान करने वाले कुछ उपकरणों से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस उत्पन्न होती है जो मानव शरीर के लिए हानिकारक ही नहीं जानलेवा भी है। हीटर व ब्लोअर के इस्तेमाल से ऑक्सीजन लेवल कम होता है। ऐसे में जी घबराना, सुस्ती, सिरदर्द जैसी अन्य समस्याओं के अलावा सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है।
इन बातों का रखें ध्यान
घर में जब भी हीटर का इस्तेमाल करें कमरे में किसी बर्तन में पानी भरकर रख दें। पानी से वाष्पीकरण होता रहेगा और नमी का स्तर बरकरार रहेगा। हीटर को एक सही तापमान पर सेट कर दें, जिससे कमरा अधिक गर्म न हो। जब हीटर चलाएं तो कमरे का दरवाजा या खिड़की खोलकर रखें। इससे साफ हवा क्रॉस होगी और ऑक्सीजन का लेवल ठीक रहेगा।
खाने में इनका करें इस्तेमाल
- गुड़ व उससे बनी सामग्री।
- मूंगफली, रेवड़ी व गज्जक।
- अदरक की चाय।
- बाजरे व मैथी की खिचड़ी।
- बादाम, छुआरे, अखरोट, काजू या अन्य ड्राई फ्रूट।
- मक्की का आटा।
- गाजर का हलवा।