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Hisar News: भवन कर शाखा की लिपिक ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर लगाए आईडी का गलत उपयोग करने के आरोप, पुलिस को दी शिकायत

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हांसी नगर परिषद की भवन कर शाखा। 
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हांसी। नगर परिषद की भवन कर शाखा में भ्रष्टाचार के एक और मामले ने सोमवार को तूल पकड़ लिया। वार्ड चार के पार्षद प्रतिनिधि अजय सैनी ने छुट्टी के दिन प्रॉपर्टी आईडी में नाम दर्ज करवाने को लेकर एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। वहीं भवन कर शाखा की लिपिक ने मामले की शिकायत पुलिस को दी है। शिकायत में कार्यकारी अधिकारी व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर आरोप लगाए हैं।
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पुलिस को दी शिकायत में नगर परिषद की लिपिक गीता रानी ने बताया कि उसका कार्य भवन कर शाखा में ऑनलाइन लगी हुई फाइल पर नाम के आवेदन की जांच करना है। पिछले काफी समय से उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं चल रहा है जिसके लिए उन्होंने कार्यकारी अधिकारी से कई बार छुट्टी का आग्रह भी किया। लेकिन उन्होंने छुट्टी का आवेदन हर बार रद्द कर दिया। शनिवार को वह कार्यालय में थी व उसके सिर में दर्द था। शाम साढ़े तीन बजे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विकास कमरा नंबर 11 में आया। उसी समय एक अन्य कर्मचारी ने उन्हें दूसरे कमरे में बुलाया। जिस पर वह दूसरे कमरे में चली गई।
इस दौरान उनकी मेकर आईडी लॉगइन थी। इसी बीच विकास ने उनकी आईडी से एक फाइल को पास कर दिया। इस आवेदन की गलत फाइल होने की वजह से वह इसे पहले ही रिवर्ट कर चुकी थी। इस जमीन पर दो पक्षों का झगड़ा चल रहा है। विकास ने उसकी आईडी से गैर कानूनी तौर पर फाइल को पास किया व कार्यकारी अधिकारी की आईडी से चेकर की आईडी से भी उसे अप्रूव कर दिया। लिपिक गीता रानी का आरोप है कि इस मामले को जब कार्यकारी अधिकारी के आगे रखा गया तो वह विकास का बचाव करने लगे। शिकायत में उन्होंने कहा कि कार्यकारी अधिकारी राजाराम पर पहले भी हांसी के 22 पार्षदों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए है जिसकी जांच चल रही है।
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पार्षद प्रतिनिधि ने उठाया था मामला
इस मामले में वार्ड चार के पार्षद प्रतिनिधि अजय सैनी ने रविवार को एक मैसेज सोशल मीडिया पर डाला था कि छुट्टी के दिन परिषद कार्यालय में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने गलत तरीके से एक प्रॉपर्टी आईडी में नाम दर्ज किया है। आरोप लगाया गया कि इसके लिए लाखों रुपये लिए गए हैं। इस मैसेज के वायरल होने पर लिपिक गीता द्वारा कार्रवाई करवाई गई।


यह होती है चैकर व मेकर आईडी
भवन कर शाखा में एनडीसी के लिए नगर परिषद में दो आईडी से आवेदन स्वीकार होते हैं। पहले लेवल पर मेकर आईडी से आवेदन स्वीकार होता हैं। यह लिपिक स्तर पर होता, उसे आवेदन की जांच करनी होती है। उसके बाद चैकर द्वारा अप्रूव करने पर ही काम पूरा होता है। यह चैकर आईडी कार्यकारी अधिकारी, सचिव या एमई के पास होती है।


लिपिक द्वारा मेरे सामने इस मामले में कोई शिकायत नहीं की गई। मेरे से मामले को लेकर कोई बातचीत नहीं की। लिपिक ने जो भी आरोप लगाए हैं उसकी निष्पक्ष जांच हो। - राजा राम, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।
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इस मामले में अभी हमारे पास कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिलते ही मामले में जांच कर कार्रवाई करेंगे।- उदयभान गोदारा, एसएचओ, सिटी थाना।
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