न्यू ऋषि नगर निवासी 62 वर्षीय बनवारी लाल दिल के मरीज थे, जिन्हें सीने में दर्द होने पर परिजन उन्हें अपनी गाड़ी में बिठाकर शहर के एक निजी अस्पताल में लेकर जा रहे थे तो उन्हें ऋषि नगर नाके पर पुलिस ने रोक लिया। बेटे परिजनों का आरोप है कि इस दौरान पुलिस को जब बनवारी लाल की बीमारी के बारे में बताया गया तो पुलिस ने इसे पाखंड बताकर वापस जाने को कहा और उन्हें 10 से 15 मिनट तक रोके रखा। इसी बीच बुजुर्ग बनवारी लाल ने नाके पर ही गाड़ी में दम तोड़ दिया।
ये मौजूद थे गाड़ी में
परिजनों ने बताया कि इस दौरान बनवारी के साथ गाड़ी में उनकी पत्नी कमलेश, बहू मंजीत, पत्नी की बहन आजाद नगर निवासी के दो बेटे मनीष और अभिषेक भी मौजूद थे। वहीं मामले की सूचना मिलते ही डीएसपी हेडक्वार्टर अशोक कुमार भी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
पुलिसकर्मी की बेटी ने पहुंचकर समझाया
मृतक बनवारी लाल का एक बेटा बीऐंडआर में जेई, एक बेटी सिरसा स्टेडियम में कोच और दूसरी बेटी सिरसा में किसी थाने में इंस्पेक्टर हैं। पिता के बीमार होने की सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर बेटी मौके पर नाके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर घर ले गई।
नाके पर वाहन रोकना पुलिस का काम
डीएसपी अशोक कुमार ने बताया कि नाके पर हर वाहन को रोकना पुलिस का काम है। सूचना मिलते ही पीड़ित परिवार से एक महिला पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गई थी। उन्होंने पीड़ित परिवार से बात की और वहां से वापस घर भेज दिया।