हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में लाठीचार्ज के दौरान छात्रों को लगी चोटों के बारे दिल्ली स्थित एम्स के चिकित्सकों से मेडिकल जांच करवाने की मांग के संबंध में दायर याचिका पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सुनील कुमार की अदालत में शनिवार को सुनवाई हुई। अदालत अब इस मामले में 8 जुलाई को सुनवाई करेगी। इससे पहले कोर्ट में वीरवार को सुनवाई हुई थी।
छात्रवृत्ति में कटौती के विरोध में एचएयू विद्यार्थियों ने 10 जून को कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। वहां सुरक्षा कर्मियों ने विद्यार्थियों के साथ हाथापाई की थी। उसी दिन रात को विद्यार्थी कुलपति आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। तब उन पर लाठीचार्ज किया गया था, जिसमें 7 छात्रों को चोटें लगी थीं। एडवोकेट विक्रम मित्तल ने बताया कि घायल छात्रों की तीन बार एमएलआर काटी गई और तीनों रिपोर्ट अलग-अलग हैं। पहली रिपोर्ट में जीरो पॉइंट 2 सेंटीमीटर चोटें दिखाई गईं। दूसरी रिपोर्ट में करीब 1 सेंटीमीटर चोट दिखाई गई। जबकि तीसरी रिपोर्ट में छह सेंटीमीटर की चोटें बताई गई। असली घाव सात इंच का है। छात्र पक्ष का आरोप है कि चिकित्सक पर दबाव बनाया गया था। एडवोकेट ने बताया कि अब इस मामले में कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होगी।