हिसार। आज डेंगू दिवस है। डेंगू इस साल जानलेवा न साबित हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से रैपिड फीवर सर्वे शुरू किया जाएगा। इसके तहत बुखार से पीड़ित मरीजों की स्लाइड बनाई जाएगी और उनका डेंगू टेस्ट किया जाएगा। अगर कोई डेंगू से पीड़ित मरीज मिलता है तो उपचार शुरू करवाया जाएगा। साथ ही पीड़ित के घर के आसपास फॉगिंग भी करवाई जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार जून से डेंगू के केस मिलने शुरू हो जाते हैं और यह सिलसिला दिसंबर तक चलता है। जनवरी व फरवरी माह में इसका मच्छर जीवित नहीं रहता तो इन महीनों में केस नहीं मिलते। हालांकि वर्ष 2025 में मार्च और इस साल फरवरी में डेंगू का एक केस मिला है जो एक हैरानी की बात है। यह मच्छर 30 से 35 दिन तक जीवित रह सकता है।
एलाइजा बेस्ट टेस्ट ही मान्य
अधिकारियों के अनुसार डेंगू का पता लगाने के लिए सबसे सटीक और बेहतर एलाइजा टेस्ट एनएस1 एंटीजन एलाइजा माना जाता है। स्वास्थ्य विभाग भी इसी टेस्ट को मानता है। हालांकि निजी अस्पताल रैपिड कार्ड टेस्ट करते हैं जिसे विभाग नहीं मानता। अधिकारियों के मुताबिक एलाइजा टेस्ट के लिए विभाग की तरफ से अधिकतम 600 रुपये फीस निर्धारित की गई है। कोई भी अस्पताल या लैब इससे मरीज से इसके अधिक फीस नहीं वसूल सकती।
मरीजों का ब्योरा
वर्ष संख्या
2014 17
2015 1140
2016 496
2017 538
2018 282
2019 162
2020 117
2021 1009
2022 1799
2023 625
2024 626
2025 71
2026 01 (अप्रैल तक)
डेंगू के लक्षण
अचानक तेज बुखार होना।
जोड़ों, मांसपेशियों और हड्डियों में असहनीय दर्द।
आंखों के पिछले हिस्से में दर्द।
शरीर पर लाल दाने या चकत्ते होना।
लगातार उल्टी होना।
थकान और बेचैनी महसूस होना
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ऐसे करें बचाव
- कूलर, गमले, फ्रिज की ट्रे का पानी हर सप्ताह बदलें
- टंकी को ढककर रखें, टूटे बर्तनों में पानी न जमा होने दें
- पूरी बाजू के कपड़े पहनें, दिन में भी मच्छरदानी या रिपेलेंट लगाएं
- बुखार होने पर खुद दवा न लें, चिकित्सक को दिखाएं
विभाग की तरफ से लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। अब रैपिड फीवर सर्वे भी शुरू किया जाएगा। आमजन से अपील है कि वे सप्ताह में एक दिन ड्राई डे अवश्य मनाएं। इस दिन वे अपने कूलरों व गमलों का पानी जरूर बदलें ताकि मच्छर का लारवा न पनप सके। - डॉ. सुभाष खतरेजा, डिप्टी सिविल सर्जन